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वाराणसी में रोपवे का शिलान्यास कल: कब काम होगा पूरा, कितने स्टेशन, एक बार में कितने लोग सफर करेंगे, जानें

Thu, 23 Mar 2023 06:36 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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वाराणसी में रोपवे स्टेशन का मॉडल - फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विकास का एक नया अध्याय जुड़ने वाला है। चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन शुक्रवार को बदलते बनारस में देश के पहले पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे परियोजना की आधारशिला खुद प्रधानमंत्री मोदी रखेंगे। इसके साथ ही कैंट रेलवे स्टेशन (वाराणसी जंक्शन ) से गोदौलिया के बीच रोपवे का काम शुरू हो जाएगा। यह परियोजना 644.49 करोड़ रुपये की है। इससे काशी विश्वनाथ मंदिर व दशाश्वमेध घाट जाना आसान हो जाएगा। जाम की समस्या नहीं रहेगी। कैंट पर रोपवे स्टेशन बनने से ट्रेन और बस से यात्रा करने वाले दोनों यात्रियों को सहूलियत मिलेगी। नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अनुराग त्रिपाठी के मुताबिक, वाराणसी कैंट स्टेशन से शुरू होकर गोदौलिया चौराहे तक कुल पांच स्टेशन होंगे।

पीएम मोदी  24 मार्च को वाराणसी में चार घंटे 50 मिनट रहेंगे। वो सुबह 9:55 बजे वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचेंगे और दोपहर 2:45 बजे दिल्ली रवाना होंगे। इस दौरान पीएम दो कार्यक्रमों में शामिल होंगे।  1780 करोड़ रुपये लागत की 28 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।
ये भी पढ़ें: चैत्र नवरात्र पर बनारस को करीब 1800 करोड़ की सौगात देंगे PM Modi
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वाराणसी में रोपवे स्टेशन का मॉडल - फोटो : अमर उजाला
देश का पहला और दुनिया का तीसरा शहर बनारस होगा जहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए रोपवे का इस्तेमाल होगा।  कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया चौराहे तक 3.8 किलोमीटर की दूरी  करीब 16 मिनट में पूरी होगी। जमीन से 50 मीटर की ऊंचाई पर ट्रॉली होगी। एक ट्रॉली में 10 यात्री सवार हो सकते हैं। एक घंटे में दोनों छोर से 6000 यात्री कर यात्रा सकेंगे। 
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रोप-वे की सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
रोपवे दो साल के अंदर बन कर तैयार हो जाएगा। इस रोपवे के बनने के बाद काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुविधा होगी, उनके पास ऑटो, टेम्पो और रिक्शा के अलावा एक और विकल्प मौजूद रहेगा। श्रद्धालु स्टेशन से उतरकर सीधा मंदिर के करीब तक जा सकेंगे।

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PM Modi रोप-वे का करेंगे शिलान्यास - फोटो : अमर उजाला
हर डेढ़ से दो मिनट के अंतराल में ट्रॉली यात्रियों को उपलब्ध होगी। कैंट रेलवे स्टेशन, काशी विद्यापीठ, रथयात्रा, गिरजाघर और गोदौलिया चौराहे पर स्टेशन बनाया जाएगा। हर स्टेशन पर काशी की कला ,धर्म और संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। 
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रोप-वे मॉडल - फोटो : अमर उजाला
रोपवे की ट्रॉली पर भी काशी की थाती देखने को मिल सकती है। एक दिशा में एक घंटे में 3000 लोग यात्रा कर सकते हैं। इसका मतलब है कि दोनों दिशा से एक घंटे में 6000 लोग आ-जा सकेंगे। रोपवे का संचालन 16 घंटे होगा। भूमि अधिग्रहण, तार व पाइप शिफ्टिंग का काम तेजी से चल रहा है।
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रोप- वे मॉडल - फोटो : अमर उजाला
बोलिविया देश की राजधानी लापाज़ और मैक्सिको के बाद विश्व में भारत तीसरा देश और वाराणसी पहला शहर होगा, जहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए रोप-वे का इस्तमाल किया जाएगा। यह पायलट प्रोजेक्ट है। इसका निर्माण स्विट्जरलैंड आधारित कंपनी बर्थोलेट, विश्व समुद्र और नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) करेगी।
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वाराणसी में पीएम मोदी (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
पहले चरण में वाराणसी कैंट से गोदौलिया के बीच रोपवे चलाया जाएगा। काशी के पुराने इलाकों की सड़कें कम चौड़ी हैं। यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इससे जाम की स्थिति बन जाती है। देशी विदेशी पर्यटकों को भी परेशानी होती है। रोपवे बनने के बाद जाम की समस्या खत्म हो जाएगी।
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