पीएम मोदी ने शनिवार को धर्मनगरी काशी में इतिहास रच दिया। प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने पहली बार काशी विश्वनाथ और काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव के दरबार में दर्शन-पूजन किया। आगे की स्लाइड्स में जानें...
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modi in temple
- फोटो : twitter
पीएम मोदी बीएचयू हेलीपैड से रोड शो करते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। वहां बाबा विश्वनाथ के गर्भ गृह में न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य पं. अशोक द्विवेदी ने वैदिक रीति से कृतिका नक्षत्र में महाचंदनाभिषेक कराया। यहां करीब 20 मिनट पूजा और अभिषेक के बाद वह काल भैरव पहुंचे। काल भैरव में भी पीएम मोदी ने वैदिक रीति से काशी के कोतवाल से अरजी लगाई।
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पीएम ने संस्कृत में-भारत देशस्य कल्याणम् ज्ञान-विज्ञानस्य क्षेत्रे प्रग्त्यर्थम् का संकल्प लिया। उन्होंने बाबा के दर पर और काशी के कोतवाल से राष्ट्र की शांति, समृद्धि, कल्याण और ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में प्रगति की कामना की।
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इससे पहले पीएम ने 1:15 बजे ऋग्वेद द्वार (पूर्वी) से गर्भगृह में प्रवेश किया। फर्श पर लगे आसन पर उत्तराभिमुख होकर उन्होंने पूजन-अर्चन किया। दूध, दही, घी, शहद और शर्करा से तैयार पंचामृत लेप के बाद उन्होंने 11 लीटर दूध धारा भी अर्पण किया।
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दीप, आरती के बाद उन्होंने गंगा जल मिश्रित चंदन ज्योतिर्लिंग बाबा विश्वनाथ के विग्रह के ऊपर लगी चांदी के घड़े में भरकर रुद्र सूक्त से चंदनाभिषेक किया। पूजन सामग्री में कमल पुष्प के अलावा गुलाब, मदार की माला, गुलाब, केवड़ा जल, इत्र, जनेऊ भी उन्होंने बाबा का चढ़ाकर राष्ट्र की शांति, समृद्धि, कल्याण और ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में प्रगति की कामना की।
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इसके बाद वह स्वर्ण शिखरों को निहारते हुए प्रसन्न मुद्रा में पूर्वी द्वार से ही बाहर निकले। पूजा के दौरान गर्भगृह में पीएम मोदी के साथ काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य पं. अशोक द्विवेदी के अलावा दो और सहयोगी अर्चक पं. टेकनारायण उपाध्याय और पं. नीरज पांडेय मौजूद रहे।
काशी विश्वनाथ मंदिर से दर्शन कर कालभैरव जाते पीएम मोदी
- फोटो : अमर उजाला
बीएचयू के सिंह द्वार पर कर्मयोगी महामना मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा को नमन कर बाबा विश्वनाथ से काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव के दरबार में पहली बार खुली कार में हाजिरी लगाने निकले तो दर्शन-पूजन की उनकी यह यात्रा मेगा रोड शो में तब्दील हो गई।