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वाराणसी में पीएम मोदी: इस स्कूल में बच्चों संग मनाया 68वां जन्मदिन, किए सवाल-जवाब

Tue, 18 Sep 2018 09:43 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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varanasi - फोटो : amar ujala

 स्कूली बच्चों के साथ अपना 68वां जन्मदिन मनाने वाराणसी के नरउर गांव के प्राथमिक विद्यालय पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बचपन के दिनों को खूब याद किया। उन्होंने स्कूल में तीन स्थानों पर 160 बच्चों संग ‘मन की बात’ की और उनके मन को भी टटोला। बच्चों के साथ प्रधानमंत्री ने चिरपरिचित अंदाज में संवाद के दौरान विश्वकर्मा जयंती का जिक्र कर उनसे भगवान विश्वकर्मा की भांति रचयिता बनने का आह्वान किया। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
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varanasi - फोटो : amar ujala
सवाल पूछने पर कक्षा सात की छात्रा आकांक्षा पटेल ने उन्हें सृष्टि के रचियता की कहानी भी सुनाई। बच्चे जहां उल्लास और उत्साह से लबरेज थे, वहीं पीएम मोदी अभिभावक और शिक्षक की भूमिका में सहज और सरल रहे। बच्चों ने जन्मदिन मनाया तो पीएम मोदी ने उन्हें रिटर्न गिफ्ट देकर उनके चेहरे पर खुशी बिखेर दी।  प्रधानमंत्री ने कहा, हर मेहनत करने वाला व्यक्ति विश्वकर्मा है। जो व्यक्ति मकान बनाता है, बिजली के तार लगाता है, सड़कें बनाता हैं, वह विश्वकर्मा है और हमारे देश में विश्वकर्मा को भगवान माना जाता है। 
 
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varanasi - फोटो : amar ujala
 आह्वान किया आप अपने सपनों का सृजन करें और उसे पूरा करने में अपनी पूरी ऊर्जा, पूरी मेहनत लगा दें। उन्होंने बच्चों से वादा भी लिया कि दिन में आप कम से कम चार बार मेहनत वाला पसीना बहाइए। पढ़ाई के साथ खेलकूद में पसीना बहाइए।  उन्होंने बच्चों को सवाल पूछने के लिए प्रोत्साहित किया। बच्चों से कहा, सवाल पूछने में मत झिझकिए। ये सीखने की सबसे अहम कड़ी है। सभी बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ हां में जवाब दिया।  कुछ ही देर में बच्चों की झिझक खत्म हो गई। 

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varanasi - फोटो : amar ujala
बच्चों ने सवाल पूछे और पीएम मोदी ने सबके जवाब दिए। बच्चों ने उपहार के तौर पर उन्हें ग्रीटिंग कार्ड दिए और उनका हाथ पकड़ कर स्कूल दिखाया। पीएम मोदी ने स्कूल में रूम टू रीड, स्मार्ट क्लासेज और लाइब्रेरी को देखा।   सवाल-जवाब के दौरान एक बच्चे ने पूछ लिया-यहां इतनी देर से क्यों आए? पीएम मोदी ने बच्चे के सिर पर हाथ फेरते हुए जवाब दिया, बेटा समय नहीं मिलता है। बच्चों ने पीएम से पूछा कि बचपन में कैसे पढ़ते थे? आपके विद्यालय में लाइब्रेरी थी? आपको मास्टर साहब डांटते थे कि नहीं। 
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varanasi - फोटो : amar ujala

पीएम ने बताया, वह बचपन में मन लगाकर पढ़ते थे। लाइब्रेरी नहीं थी इसलिए दूसरे बच्चों से किताब मांगकर पढ़ते थे। गलती करने पर मास्टर साहब प्यार से समझाते थे। इसके बाद मैं वह गलती दोबारा नहीं करता था।  प्रधानमंत्री के जाने के बाद बच्चों को केक काट कर खिलाया गया। बच्चों को दिए गए लाल रंग के बैग में पाठ्य पुस्तक और अन्य सामग्री बांटी। बैग में किताबों-कॉपियों के अलावा पेंसिल बाक्स है। बाक्स में दो पेंसिल, एक रबर, एक कटर, एक स्केल है। इसके अलावा सौर ऊर्जा का एक लैंप भी है, ताकि बिजली जाने पर बच्चे इसकी मदद से पढ़ सकें। इसे चार्ज करने का उपकरण भी दिया गया है। बच्चों को नाश्ते का पैकेट भी दिया गया। 
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बच्चों के साथ संवाद करते पीएम - फोटो : amar ujala

पीएम ने बताया, वह बचपन में मन लगाकर पढ़ते थे। लाइब्रेरी नहीं थी इसलिए दूसरे बच्चों से किताब मांगकर पढ़ते थे। गलती करने पर मास्टर साहब प्यार से समझाते थे। इसके बाद मैं वह गलती दोबारा नहीं करता था।  प्रधानमंत्री के जाने के बाद बच्चों को केक काट कर खिलाया गया। बच्चों को दिए गए लाल रंग के बैग में पाठ्य पुस्तक और अन्य सामग्री बांटी।
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varanasi - फोटो : amar ujala
बैग में किताबों-कॉपियों के अलावा पेंसिल बाक्स है। बाक्स में दो पेंसिल, एक रबर, एक कटर, एक स्केल है। इसके अलावा सौर ऊर्जा का एक लैंप भी है, ताकि बिजली जाने पर बच्चे इसकी मदद से पढ़ सकें। इसे चार्ज करने का उपकरण भी दिया गया है। बच्चों को नाश्ते का पैकेट भी दिया गया। 
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नरउर पहुंचे पीएम - फोटो : amar ujala
 विद्यालय पहुंचने पर प्रधानमंत्री का स्वागत बच्चों ने भारत माता की जय के उद्घोष से किया। कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत ‘स्वागतम्...’ प्रस्तुत किया। स्काउट एंड गाइड की छात्राओं ने स्वागत किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय मौजूद रहे। 
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