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UP: बैंक कर्मी की कनपटी पर पिस्टल रखी, स्ट्रॉन्ग रूम खुलवाया, 4 किलो सोना और 42 लाख की डकैती; तस्वीरें

Sun, 03 May 2026 12:33 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi Crime: आरोपी मो. अफजल गिरोह ने 2013 से 2021 के बीच दुर्गापुर, कोलकाता, रुड़की व वजीरगंज में कई सोना लूट की वारदातें कीं। टीवी पर ओडिशा की घटना देखकर हजारीबाग के बैंक ऑफ महाराष्ट्र को निशाना बनाया। रेकी कर सुनियोजित ढंग से डकैती की योजना तैयार की गई।
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सीसी कैमरे में दिखे थे बदमाश। - फोटो : संवाद
झारखंड में बैंक ऑफ महाराष्ट्र में डकैती डालने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना समेत तीन आरोपियों को यूपी एसटीएफ और झारखंड पुलिस ने शुक्रवार की रात सारनाथ के सिंहपुर से गिरफ्तार किया। 

अपराह्न लगभग 3 बजे पहले सौरभ और टाइगर बैंक के अंदर गए और खाता खुलवाने से संबंधित बातचीत करने लगे। उनके पीछे अन्य आरोपी बैंक में दाखिल हो गए। पंकज बैंक के अंदर घुसते ही बैंक कर्मी पर पिस्टल की बट से सिर पर वार किया। सभी अपराधियों ने पिस्टल दिखाकर सभी बैंक कर्मियों को एक साथ कैश काउंटर के बगल में खड़ा कर दिया। 

कैश काउंटर के किनारे कर सभी कर्मियों के मोबाइल छीन लिए गए और कैश काउंटर में रखी सभी नकदी लूट ली। पंकज ने कटर से अलार्म को काटा और एक बैंक कर्मी की कनपटी पर पिस्टल लगाकर स्ट्रॉन्ग रूम खुलवाया गया। 
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कनपटी पर बंदूक रखकर की थी लूटपाट। - फोटो : संवाद
इसके बाद स्ट्रॉन्ग रूम में रखा सारा पैसा और सोने के आभूषण लेकर भाग गए। सभी गया (बिहार) पहुंचे और डकैती का पैसा व सोने के आभूषण को आपस में बांटकर वाराणसी पहुंचे। यहां से नई दिल्ली भागने की फिराक में थे। आरोपियों ने पूर्व में कई बड़ी सोना लूट की घटनाओं को अंजाम दिया है।

बैंक से चार किलो सोना और 42 लाख रुपये की डकैती के आरोपियों को झारखंड पुलिस दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर हजारीबाग ले गई। चार मई की शाम 5 बजे तक आरोपियों को वाराणसी के सीजेएम कोर्ट में पेश करना है। आरोपियों के कब्जे से 912.22 ग्राम सोना, 20 लाख नकद, डकैती में उपयोग स्कॉर्पियो बरामद हुई है।
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बैंक कर्मियों को दी थी जान से मारने की धमकी। - फोटो : संवाद
गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह का मास्टरमाइंड बिहार, नवादा के नरहट थाना क्षेत्र निवासी मो. अफजल, गोरखपुर के गुलहरिया थाना क्षेत्र के बनगई निवासी पंकज सिंह उर्फ रौनक और मऊ, दोहरीघाट थाना क्षेत्र के सियरही बरजरा निवासी सौरभ यादव उर्फ सोनू है। 24 अप्रैल को झारखंड के हजारीबाग के बरही शाखा के बैंक ऑफ महाराष्ट्र में आरोपियों ने डकैती डाली थी। डकैती में पूर्वांचल के अपराधियों की संलिप्तता सामने आने के बाद झारखंड पुलिस ने एसटीएफ से संपर्क साधा।

एसटीएफ फील्ड इकाई वाराणसी के निरीक्षक अमित श्रीवास्तव और निरीक्षक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी गिरोह का सरगना मो. अफजल वर्ष 2008 में धनबाद (झारखंड) में कोयले का काम करता था। उसी दौरान कोयला व्यवसाय की रंजिश को लेकर वर्ष 2008 में कोलकाता के एक कोयला व्यवसायी को गोली मारकर हत्या कर दी थी। 

इस मामले में मो. अफजल जेल गया, जो वर्ष 2008-2012 तक जेल में रहा और इस दौरान इसका परिचय गोरखपुर के पंकज सिंह उर्फ रौनक, उत्तम महतो, दशरथ महतो, बाबू राजा उर्फ सिद्धार्थ, सोहेल उर्फ फैजल, सुनील पंडित एवं अन्य लोगों से हो गया। जेल से छूटने के बाद ये सभी योजनाबद्ध तरीके से बैंक डकैती की घटनाओं को अंजाम देने लगे।

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बैंक कर्मियों ने हाथ भी जोड़े थे। - फोटो : संवाद
सिर्फ बैंक में सोने की डकैती की घटनाओं को ही दिया अंजाम
एसटीएफ के अनुसार दुर्गापुर (बंगाल) में वर्ष 2013 में उत्तम महतो, दशरथ महतो, सुनील पंडित, सिद्धार्थ उर्फ बाबू राजा, बबलू महतो, मो. अफजल एवं पंकज व अन्य पांच अज्ञात ने मुथुट फाइनेंस बैंक में डकैती डाली थी। वर्ष 2015 में मो. अफजल, पंकज, सौरभ उर्फ सोनू एवं रवि राय ने कोलकाता में आईआईएफएल फाइनेंस कंपनी में लगभग 14 किलो सोना लूटा था। 

घटना में करीब दो साल बाद रवि राय उर्फ दीपू राय, निवासी सियरही बरजला थाना दोहरीघाट मऊ को गिरफ्तार किया गया। वर्ष 2019 में मो. अफजल, सौरभ, सोहेल एवं जेड. अली ने आईआईएफएल फाइनेंस कंपनी, रुड़की में लूट की थी। घटना में शामिल पंकज की कार व उसका चेहरा कैमरे में आ गया था। वर्ष 2021 में मो. अफजल, पंकज, रति राय और अन्य ने आशीर्वाद गोल्ड लोन, वजीरगंज में दो किलो सोना लूटा था। वर्ष 2002 में आईआईएफएल ऑफिस से आठ किलो सोना लूटा गया था।
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महाराष्ट्र बैंक के बाहर भीड़। - फोटो : अमर उजाला
टीवी पर देखकर रची थी साजिश
24 अप्रैल को बैंक ऑफ महाराष्ट्र, बरही बाजार, हजारीबाग में हुई डकैती की घटना की योजना मो. अफजल ने अपने गिरोह के साथ बनाई। इनको पता चला कि बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा किलंजर (ओडिशा) में 8 किलोग्राम सोना लूट की घटना हुई है। इस घटना को न्यूज में देखने के बाद मो. अफजल ने तय किया कि अगली घटना बैंक ऑफ महाराष्ट्र की ही किसी शाखा में करनी है। 

बैंक लूट की घटना को अंजाम देने के लिए झारखंड और बिहार के विभिन्न जगहों पर मो. अफजल की स्कॉर्पियो से पंकज और मो. अफजल घूम-घूमकर रेकी करने लगे। रमजान के समय गाजीपुर भीतरी निवासी शोएब व चुन्नू, चंदौली के मुगलसराय से कोडरमा (झारखंड) पहुंचे, जहां पर फोन कर मो. अफजल को बुलाकर उसकी स्कॉर्पियो से ही सभी हजारीबाग पहुंचे और वहां पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र बरही शाखा की रेकी की। 

आरोपियों ने देखा कि यह बैंक बाजार से दूर, कम भीड़-भाड़ वाले इलाके में है। इसके बाद ये सभी अपनी स्कॉर्पियो से वापस आ गए। इस गिरोह ने चर्चा की कि किलंजर (ओडिशा) जैसे ग्रामीण क्षेत्र के बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा में 8 किलोग्राम सोना मिल सकता है तो यहां भी भारी मात्रा में सोना जरूर मिलेगा। इसके बाद ये सभी मो. अफजल को छोड़कर घर लौट आए। इसके बाद घटना को अंजाम देने की योजना बनाई।
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गिरफ्तार तीनों आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
17 अप्रैल को होने वाली थी डकैती लेकिन रुपये की कमी से टली 
मो. अफजल ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र, बरही शाखा में जाकर वहां के बैंक स्टाफ व बैंक के अंदर की स्थिति का आकलन किया। मो. अफजल ने मोटरसाइकिल व असलहों की व्यवस्था संतोष नामक व्यक्ति और शोएब उर्फ टाइगर के जरिये की। दो पिस्टल लिए और संतोष को भी शामिल किया। 

17 अप्रैल को घटना करने की तारीख तय हुई लेकिन आवाजाही और रुपये का इंतजाम नहीं होने के कारण सभी अफजल के घर ठहरे। 24 अप्रैल को गया रेलवे स्टेशन से दो बाइक से सौरभ, शोएब और संतोष बरही होते हुए आए, जबकि चुन्नू गया में ही ठहर गया। 

पंकज और अफजल नवादा में ही मोबाइल बंद करके चारों असलहे लेकर स्कॉर्पियो से तिलैया होते हुए आए और टोल पार किया। बाइक से पंकज व मो. अफजल हथियार वाला बैग लेकर उतर गए और दूसरी बाइक पर पंकज, शोएब टाइगर और सौरभ हो गए और बरही चौक की ओर आने लगे। पीछे से संतोष भी आया। सभी यात्री रोड की तरफ रुक गए।

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