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दहशत के नौ घंटेः तीन मंजिला मकान में लगी आग, गूंजती रही चीखें

Mon, 23 Apr 2018 10:46 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,आजमगढ़
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azamgarh - फोटो : अमर उजाला
आजमगढ़ के अतरौलिया में जाने-माने किराना व्यवसायी के गोदाम और घर में सोमवार सुबह 9.30 बजे आग लगी थी। इसमें कारोबारी की दम घुटने से मौत हो गई। सूचना के 10 मिनट में पुलिस पहुंच गई थी। शुरुआती समय में फायर ब्रिगेड फेल होने से यहां तक कहा जाने लगा कि मकान कभी भी धराशायी हो सकता है। अंदर मौत से लड़ रहीं सात जिंदगियां चीत्कार कर रही थीं।  वो तो शुक्र हैं उन युवाओं का जिन्होंने भगवान बनकर छह जिंदगियां बचा ली। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें..

 
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azamgarh - फोटो : अमर उजाला
आजमगढ़-फैजाबाद मुख्य मार्ग स्थित नगर पंचायत अतरौलिया के केसरी चौक पर स्थित जाने-माने किराना व्यवसायी  अजय जायसवाल की दुकान सहित तीन मंजिला मकान सोमवार सुबह शार्ट सर्किट से जलकर तबाह हो गया। फायर ब्रिगेड ने करीब 9 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अनुमान है कि आग से करीब एक करोड़ का नुकसान हुआ है। 

 
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azamgarh - फोटो : अमर उजाला
मौके पर एक हजार से ज्यादा की भीड़ मौके पर एकत्र हो गई थी। बाल्टी और अन्य माध्यमों के साथ लोग इस विभीषिका पर काबू पाने में जुटे थे। भयावह आग से मकान की दीवारें चटक रही थी। हालात और आग की भयावहता के कारण एक बारगी तो फंसे लोगों को बचाया जाना नामुमिकन लग रहा था। चटकती दीवारें देखकर ऐसा लग रहा था कि मकान कभी भी गिर सकता है। 11 बजे तक ये सूचनाएं जिला मुख्यालय तक पहुंच चुकी थी। बावजूद इसकेडीएम और एसपी समेत जनपद के जिलास्तरीय अधिकारी इतने बड़े हादसे की अनदेखी कर जनसुनवाई और रोजाना के कार्य में व्यस्त रहे।  

 

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azamgarh - फोटो : अमर उजाला

केसरी चौक पर अजय जायसवाल (50) का मकान है। तीन मंजिला भवन में भूतल पर किराने की दुकान है। पहली मंजिल पर गोदाम और दूसरे पर परिवार रहता था। अजय के परिवार में पत्नी अनुराधा (46), बेटा आकाश (24), उसकी पत्नी तथा छोटा बेटा सुमित (16) रहते थे। सोमवार की सुबह 9.30 बजे अजय की दुकान खुली ही थी कि अशोक व उनकी बेटियां प्रीती (15) और शालू (13) वहां आ गईं। सभी लोग बातचीत कर ही रहे थे कि भवन के दूसरे तल से तेज धुआं और लपटें उठने लगी।

 
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azamgarh - फोटो : अमर उजाला
थोक व्यवसाई होने की वजह से सुबह से लेकर रात तक उसके यहां ग्राहकों की लाइन लगी रहती थी। यहीं से वह आजमगढ़ और अंबेडकर नगर जिले में सामान की सप्लाई भी करता था। आग लगने पर अजय अपने परिचितों के साथ मकान में घुसे और सबको बाहर निकाल लिया। लेकिन बाहर आने के बाद वह फिर मकान के अंदर चला गया। इसके बाद वह बाहर नहीं निकल सका। अपनी जान बचाने के लिए वह खिड़की से बाहर के लोगों से आवाज लगाता रहा। लोग दीवार तोड़कर काफी देर बाद भीतर घुस सके, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।




 
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azamgarh - फोटो : अमर उजाला

आसपास के लोगों ने फायर ब्रिगेड बूढनपुर को सूचना दी। इस बीच कुछ लोग अंदर घुसे और बारी-बारी से सभी लोगों को सकुशल बाहर निकाल लाए। किसी ने अजय जायसवाल को बताया कि उनके भाई का पुत्र अंदर फंसा है। अजय फिर अंदर घुस गए। बाद में उन्हें एक कमरे में मृत पाया गया। फायर विभाग की पांच से अधिक गाड़ियों ने करीब नौ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शाम साढ़े छह बजे आग पर काबू पाया। स्थानीय लोगों के मुताबिक आग का कारण शार्ट सर्किट है हालांकि प्रशासन का कहना है कि गैस रिसाव भी आग लगने का कारण हो सकता है।
 
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azamgarh - फोटो : अमर उजाला
 सूचना के करीब एक घंटे बाद फायर विभाग की एक गाड़ी वहां पहुंची पर उसमें पानी नहीं था। आसपास के घरों के सबमर्सिबल पंप और टुल्लू से फायर टेंडर में पानी भरना शुरू किया। आधा घंटे बाद दूसरी दमकल पहुंची तो उसकी मोटर ही नहीं चल रही थी। लोग बाल्टी से फायर टेंकर में पानी भरकर आग बुझाते रहे। 12 बजे एसडीएम बूढनपुर ने अंबेडकर नगर जिले और महराजगंज उपकेंद्र से दमकल मंगाई इसके बाद आग बुझाने के प्रयास शुरू किए गए।  आग बुझने के करीब पहुंची तो डीएम-एसपी मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड के फेल होने पर रास्ता न होने और मुख्यालय से दूरी की बात कह कर लोगों को शांत कराया। 


 
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