गाजीपुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्रशासनिक लापरवाही से छात्रसंघ चुनाव का परिणाम अधर में लटक गया। अंतत: महामंत्री पद के चुनाव को निरस्त कर दिया गया तथा बाकी पदों की मतगणना भी रोक दी गई। अब इस पद पर 15 अक्तूबर को चुनाव के बाद एक साथ मतगणना कराई जाएगी। मतगणना रद्द होने की सूचना मिलते ही छात्र उग्र हो गए। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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- फोटो : amar ujala
छात्रों ने आगजनी, हवाई फायरिंग और पथराव किया। साथ ही कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्हें पुलिस से रोकने का काफी प्रयास किया, लेकिन छात्र उग्र होते गए। पथराव से लगभग छह पुलिसकर्मी मामूली रूप से जख्मी हो गए। पथराव के बाद स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने भी लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान पुलिस ने छात्रों को दौड़ा दौड़ा कर पीटा। इससे काफी देर तक अफरा-तफरी मची रही।
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शुक्रवार की सुबह पीजी कॉलेज का मतदान शुरू हुआ तो देखा गया कि बैलेट पेपर पर महामंत्री पद के एक उम्मीदवार सुधांशु तिवारी का नाम नहीं है। इसकी जानकारी होते ही कॉलेज प्रशासन ने एक निर्णय के तहत हाथ से ही बैलेट पेपर पर उसका नाम अंकित कर दिया। दोबारा फिर मतदान शुरू हुआ। इधर जानकारी के बाद महामंत्री पद के सभी उम्मीदवार मुख्य चुनाव अधिकारी डा. बद्रीनाथ सिंह के पास पहुंच गए तथा लिखित रूप से अनुरोध किया कि हाथ से लिखे बैलेट पेपर उन्हें स्वीकार नहीं है। इसे मतगणना में शामिल न किया जाए।
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इसके बाद सुधांशु ने महामंत्री पद के चुनाव के निरस्त करने का आवेदन दिया। इस पर प्राचार्य से वार्ता कर तय किया गया कि अन्य सभी पदों पर हुए मतदान को वैध माना जाएगा, जबकि महामंत्री पद के मतदान को स्थगित कर दिया गया। बाद में सिंह ने घोषणा की कि अब 15 अक्तूबर को सिर्फ महामंत्री पद के लिए आठ बजे से एक बजे तक मतदान होगा। उसी दिन दो बजे से मतगणना करा कर शाम को परिणाम घोषित कर किया जाएगा।
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मतगणना स्थगित किए जाने की सूचना मिलते ही अन्य पदों के उम्मीदवार और उनके समर्थक आक्रोशित हो उठे और सड़क पर उतर उत्पात मचाने लगे। छात्रों ने आगजनी, पथराव और हवाई फायरिंग करना शुरू कर दिया। मजबूरन पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। काफी देर तक अफरा-तफरी मची रही। पुलिस की सक्रियता से बाद में किसी तरह माहौल शांत हुआ।
एसपी यशवीर सिंह ने कहा कि पीजी कॉलेज में बवाल के बाद देर शाम छह बवाली छात्रों को पकड़ा गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। एसपी ने बताया कि छात्रों के बवाल के पीछे कॉलेज प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। बवाली छात्रों को चिन्हित किया जा रहा है। पीजी कॉलेज के प्राचार्य डा. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि मतपत्र पर त्रुटिवश नाम छूटने की वजह से महामंत्री पद का चुनाव पुन: 15 अक्टूबर को कराया जाएगा। उसी दिन सभी पदों की मतगणना भी होगी और जीत दर्ज करने वाले छात्रों को शपथ भी दिलाई जाएगी।