ऐसा कभी-कभार ही होता है कि सत्ता पक्ष के किसी मंत्री को जिलाधिकारी को हटाने के लिए धरना-प्रदर्शन करना पड़ रहा हो। जबकि सरकार चाहे तो कभी भी डीएम का तबादला कर सकती है। लेकिन यूपी में ऐसा हो रहा है। आगे की स्लाइड में पढ़िये पूरी खबर...
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 5
मंत्र ओ
पूरे देश में चर्चा का विषय बने यूपी के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर का डीएम से ऐसा क्या दुराव हो गया कि उन्होंने उन्हें यहां से हटाने के लिए आस्तीन चढ़ाते हुए उनके खिलाफ धरना-प्रदर्शन और घेराव करने जैसा निर्णय ले लिया। अब इस जोर आजमाइश में किसको शह मिलती है और किसको मात, यह देखना दिलचस्प होगा।
विज्ञापन
3 of 5
कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर
- फोटो : अमर उजाला
वहीं इस समय भाजपा कार्यकर्ताओं सहित अन्य दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं में मंत्री का यह फैसला चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों की चर्चाओं में यह बात प्रमुखता से शामिल है कि प्रदेश में भाजपा-भासपा गठबंधन की सरकार है। इस सरकार में जिले का प्रतिनिधित्व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर कर रहे हैं जबकि गठबंधन से जिले में तीन विधायक डॉ. संगीता बलवंत, सुनीता सिंह और त्रिवेणी राम हैं।
4 of 5
ओम प्रकाश राजभर
- फोटो : self
इसके अलावा विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह चंचल भी हैं। केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा भी संसद में जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। सिन्हा का पार्टी में क्या कद है, यह लोग जानते हैं। किसी अधिकारी को इधर से उधर कराना उनके लिए बड़ी बात नहीं है। हाईकमान भी इनके इशारे की अनदेखी नहीं करेगा।
जहूराबाद से पर्चा दाखिल करते भाजपा- भासपा गठबंधन प्रत्याशी ओमप्रकाश राजभर।
अगर भासपा कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न को लेकर कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर की जिलाधिकारी से कोई नाराजगी है तो वह सीएम के सामने अपनी बात रखकर आराम से जिलाधिकारी का यहां से तबादला करा सकते हैं। लोगों में इस बात की चर्चा है कि डीएम का तबादला कराकर कैबिनेट मंत्री जिले में अपना दबदबा कायम करना चाहते हैं। उनके निशाने पर दो एसडीएम, एक वीडीओ और कुछ एसओ भी हैं।