बीएचयू के ज्योतिषाचार्य पं. गणेश प्रसाद मिश्र के अनुसार पद्म एकादशी के दिन उपवास करके सोना, चांदी, तांबा या पीतल की मूर्ति बनवाकर श्रद्धा पूर्वक पूजन करें। पीतांबर से सजाकर सफेद चादर से ढंके हुए गद्दे तकीये वाले पलंग पर प्रभु को शयन कराएं। चार महीनों के लिए अपनी रुचि अथवा अभीष्ट के अनुसार नित्य व्यवहार के पदार्थों का त्याग और ग्रहण करें। मधुर स्वर के लिए गुड़ का, दीर्घायु अथवा पुत्र-पौत्रादि की प्राप्ति के लिए तेल का, शत्रु नाशादि के लिए सरसों के तेल का, सौभाग्य के लिए मीठे तेल का, स्वर्ग प्राप्ति के लिए पुष्पादि भोग का त्याग करें।