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यूपी में 30 लाख का इनामी नक्सली ढेर: सीने में लगी दो गोलियां, बृजेश गंझू का 20 साल से था आतंक; इनसाइड स्टोरी

Mon, 21 Sep 2026 09:46 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी

सार

यूपी में पहली बार मुठभेड़ में 30 लाख का इनामी नक्सली कमांडर मारा गया है। यूपी एटीएस और नक्सली कमांडर के बीच वाराणसी के रामनगर लंका मैदान के पास मुठभेड़ हुई है। नक्सली का साथी भाग निकला। नक्सली बृजेश के खिलाफ 44 मामले दर्ज थे। 20 साल से आतंक था।
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up encounter - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
यूपी एटीएस ने रविवार की अल सुबह चार बजे रामनगर लंका मैदान के पास झारखंड के प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) के मुखिया बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता (45) को मुठभेड़ में मार गिराया। बृजेश पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम था। बृजेश के खिलाफ 44 मामले दर्ज थे।

नक्सली के पास से दो पिस्टल, एक कार्बाइन, भारी मात्रा में कारतूस और एक लाख नकदी बरामद हुई है। इस बीच उसका साथी बाइक से भाग निकला। मुठभेड़ में एटीएस वाराणसी यूनिट के डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण के बुलेट प्रूफ जैकेट में दो गोली लगी थी लेकिन कोई नुकसान नहीं पहुंचा। 
 
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एटीएस ने रविवार को तड़के सोनभद्र-मिर्जापुर रूट से आ रहे बाइक सवार को रोका। - फोटो : एआई
एटीएस के मुताबिक, यूपी में पहली बार 30 लाख रुपये का इनामी नक्सली कमांडर मुठभेड़ में मारा गया है। उधर, फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। झारखंड के चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र के सोहवन लुट्टू गांव निवासी बृजेश गंझू का झारखंड में 20 साल से आतंक था। डीजीपी ने एटीएस की टीम को दो लाख रुपये का पुरस्कार देने का एलान किया है।

 
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एटीएस को देखते ही बाइक पर पीछे बैठा बृजेश फायरिंग करने लगा। - फोटो : एआई
एटीएस वाराणसी यूनिट के पुलिस उपाधीक्षक विपिन राय को सूचना मिली कि सोनभद्र-मिर्जापुर के रास्ते झारखंड का दुर्दांत नक्सली अपने साथियों के साथ वाराणसी सीमा में प्रवेश करने वाला है। इस सूचना के आधार पर एटीएस कमांडो के साथ डिप्टी एसपी ने रविवार की तड़के रामनगर थाना क्षेत्र में घेराबंदी शुरू कर दी।

 

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जवाबी फायरिंग में नक्सली कमांडर के सीने में दो गोलियां लगीं। वह गिर पड़ा। - फोटो : एआई
टेंगरा मोड़ से मुगलसराय जाने वाली सड़क पर रामनगर लंका मैदान के पास एक बाइक पर सवार दो युवकों को नजदीक आता देख एटीएस की टीम ने रुकने का इशारा किया। इस पर पीछे बैठे युवक ने फायरिंग शुरू कर दी। पिस्टल से निकली गोली डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण के बुलेट प्रूफ जैकेट में सीने के पास जा लगी। जवाबी फायरिंग में पीछे बैठा बाइक सवार बदमाश घायल हो गया। 

 
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मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। - फोटो : एआई
बाइक चलाने वाला हाईवे की ओर भाग निकला। घायल को रामनगर राजकीय अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मारे गए बदमाश की पहचान दुर्दांत नक्सली बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता उर्फ सरदार, उर्फ तुषार, उर्फ रंजन, उर्फ फूलचंद उर्फ दुलारचंद के रूप में हुई है। 

 
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नक्सली कमांडर को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। - फोटो : एआई
डिप्टी एसपी विपिन राय के अनुसार बृजेश गंझू के ऊपर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, अपहरण समेत 44 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके पास से .32बोर के दो पिस्टल, भारी मात्रा में कारतूस, कार्बाइन, एक लाख नकदी बरामद हुई है।
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रामनगर में मुठभेड़ के बाद मौके पर मौजूद पुलिस व यूपी एटीएस के जवान। - फोटो : अमर उजाला
नक्सली के सीने में लगी थीं दो गोलियां, छोटा भाई शव लेने पहुंचा
एटीएस के साथ मुठभेड़ में मारे गए नक्सली बृजेश गंझू के सीने में दो गोलियां लगी थीं। एक गोली दाएं और दूसरी बाएं तरफ सीने में लगी थी। डॉक्टरों की टीम ने रविवार की देररात ही शिवपुर स्थित पोस्टमार्टम हाउस में उसके शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई है। एटीएस के मुताबिक, नक्सली के सीने में दो गोलियां लगी थीं। उसके छोटे भाई सुरेश कुमार को वाराणसी बुलाया गया है। उसकी मौजूदगी में ही पोस्टमार्टम कराया गया।

 

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रामनगर में मुठभेड़ के बाद मौके पर मौजूद पुलिस व यूपी एटीएस के जवान। - फोटो : अमर उजाला
एनआईए ने पांच लाख तो झारखंड पुलिस ने घोषित किया था 25 लाख इनाम
एनआईए ने बृजेश पर पांच लाख रुपये तो झारखंड पुलिस ने 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। इस तरह कुल इनाम 30 लाख रुपये था। एटीएस के मुताबिक इससे पहले टीएसपीसी के सब-जोनल कमांडर उमेश उर्फ नगीना को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। नगीना पर झारखंड पुलिस ने पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

 

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रामनगर में मुठभेड़ के बाद मौके पर मौजूद पुलिस व यूपी एटीएस के जवान। - फोटो : अमर उजाला
छह महीने के भीतर वाराणसी और आजमगढ़ में एटीएस की तीसरी बड़ी कार्रवाई
यूपी एटीएस ने आजमगढ़ और वाराणसी में छह महीने के भीतर तीसरी बड़ी कार्रवाई की है। रविवार की तड़के जहां वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान नक्सली कमांडर बृजेश उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता को मार गिराया गया, वहीं, सितंबर के पहले सप्ताह में आजमगढ़ के दीदारगंज थाना क्षेत्र के चितारा महमूदपुर गांव निवासी मोहम्मद नबील को गिरफ्तार किया गया था। 

 

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रामनगर में मुठभेड़ के बाद मौके पर मौजूद पुलिस व यूपी एटीएस के जवान। - फोटो : अमर उजाला
आरोप था कि नबील का संपर्क आतंकी संगठनों से है। वह आतंकी संगठनों का प्रचार-प्रसार कर रहा है। जांच एजेंसी की तरफ से युवाओं का ब्रेनवॉश करने का आरोप भी लगाया गया। इससे पहले मार्च 2026 में आजमगढ़ के निजामाबाद थाना क्षेत्र के संजरपुर गांव से मोहम्मद शेख की गिरफ्तारी की गई थी। आरोप था कि युवक आतंकी संगठनों से जुड़ा है। आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है।

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रामनगर में मुठभेड़ के बाद मौके पर मौजूद पुलिस व यूपी एटीएस के जवान। - फोटो : अमर उजाला
सोनभद्र बॉर्डर से पकड़ा गया था पांच लाख का इनामी, ओबरा में छिपकर रह रहा था
नक्सल गतिविधियों के कारण कभी रेड जोन में रहे सोनभद्र से पुलिस, एटीएस व अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पिछले दो साल में सोनभद्र से दो हार्डकोर नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। एक लंबे समय से पहचान छिपाकर यहां रह रहा था तो दूसरा झारखंड में वारदात के बाद भागते समय एटीएस के हत्थे चढ़ा था। जिले से नक्सलियों की और भी गिरफ्तारियां हुई हैं।

 

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रामनगर में मुठभेड़ के बाद मौके पर मौजूद पुलिस व यूपी एटीएस के जवान। - फोटो : अमर उजाला
सितंबर 2025 में यूपी एटीएस को झारखंड बॉर्डर से पांच लाख के इनामी उमेश खरवार उर्फ डॉक्टर को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली थी। प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी के सब-जोनल कमांडर उमेश खरवार उर्फ डॉक्टर पर 25 से ज्यादा मामले दर्ज थे। वह झारखंड में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ के बाद फरार होकर सोनभद्र में छिपने की फिराक में था, तभी एटीएस ने उसे दबोच लिया। 
 

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रामनगर में मुठभेड़ के बाद मौके पर मौजूद पुलिस व यूपी एटीएस के जवान। - फोटो : अमर उजाला
इससे पहले वर्ष 2024 में चोपन पुलिस ने मुठभेड़ में एक लूटकांड के मामले में मुठभेड़ के दौरान दो नक्सलियों को पकड़ा था। इसमें एक की पहचान सुशील कुमार उर्फ गुरु उर्फ रितेश के रूप में हुई थी। मूल रूप से झारखंड के पलामू जिले का रहने वाले सुशील पर झारखंड और सोनभद्र के विभिन्न थानों में हत्या, लूट और यूएपीए सहित 13 से अधिक गंभीर मामले दर्ज थे। 

 

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पुलिस व यूपी एटीएस के जवान। - फोटो : अमर उजाला
वह झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा पर स्थित बूढ़ा पहाड़ पर सीआरपीएफ जवानों पर हमले की घटना में भी शामिल रहा था। लंबे समय से पहचान छिपाकर ओबरा क्षेत्र में रह रहा था। इससे पहले 2022 में बिहार और स्थानीय पुलिस ने अनपरा क्षेत्र से शेख अख्तर नाम के कुख्यात नक्सली को दबोचा था। वह 2000 में बिहार में हुए दोहरे हत्याकांड और कई बड़ी वारदातों में शामिल रहने के बाद अपनी पहचान छिपाकर पिछले 20 साल से सोनभद्र में रह रहा था।

 
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पुलिस व यूपी एटीएस के जवान। - फोटो : अमर उजाला
झारखंड के उग्रवादी संगठन टीएसपीसी का मुखिया व दुर्दांत नक्सली बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता पर झारखंड सरकार ने 25 लाख रुपये और एनआईए की ओर से पांच लाख रुपये का पुरस्कार घोषित था। उसकी 20 साल से तलाश की जा रही थी।- अमिताभ यश, एडीजी, यूपी एटीएस
 
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