brahmcharini
देवी मां का महत्व :
ब्रह्म का अर्थ तप से है और चारणी का अर्थ आचरण करने वाली। तप का आचरण करने वाली देवी के रूप में देवी दुर्गा के द्वितीय स्वरूप का नाम ब्रह्मचारी इसी वजह से पड़ने की मान्यता है। भगवती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए घोर तप किया था, देवी दुर्गा के तपस्विनी स्वरूप के दर्शन पूजन से भक्तों और उनके साधकों को अनंत शुभ फल प्राप्त होते हैं।