MSME For Bharat Conclave in Bhadohi : भदोही में एमएसएमई कॉन्क्लेव में उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ अधिकारियों और केंद्रीय मंत्री ने एक मंच पर उद्यम विकास पर मंथन किया।
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एमएसएमई कॉन्क्लेव में उद्यमियों से चर्चा करतीं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल
- फोटो : अमर उजाला
MSME For Bharat in Bhadohi: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के लिए अमर उजाला एमएसएमई फॉर भारत क्षेत्रीय कॉन्क्लेव का आयोजन भदोही में हुआ। कॉन्क्लेव का शुभारंभ केंद्रीय परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने किया। इस दौरान उद्योगों के विकास व वर्तमान में चुनौतियों से निपटने के लिए मंथन किया गया। उद्यमियों ने ट्रंप टैरिफ को लेकर चिंता जताई तो केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कोरोना काल की तरह अब भी उद्यमियों को सब्र करने की जरूरत है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत सरकार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एमएसएमई के इको सिस्टम को मजबूत कर रही है। उद्योगपतियों के सवालों पर अनुप्रिया पटेल ने कहा कि आपके रोजमर्रा की समस्याओं को कम करने का काम निरन्तर हो रहा है। काफी जटिल समस्याओं का समाधान किया जा चुका है। विश्वकर्मा योजना के तहत करोड़ कामगारों को लाभ पहुंचाया गया। किट भी बांटे गए।
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केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल
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केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि कोरोना काल के समय में देश के व्यापारियों ने बहुत ही सब्र दिखाया, इस सब्र की आज भी जरूरत है। ट्रंप टैरिफ के बाद जीएसटी रिफॉर्म हुआ है। इसका पूरा फायदा व्यापारियों और छोटे कामगारों को जरूर मिलेगा। हमारी सरकार आज भी व्यापारियों के हित के लिए काम कर रही है। देश के 20 करोड़ एमएसएमई के साथ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही है।
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जिलाधिकारी शैलेश कुमार
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इको सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए युवाओं को आना होगा आगे
इस दौरान जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने कहा कि एमएसएमई से देश भर में 20 करोड़ युवा रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। अकेले यूपी में ही 90 लाख से एक करोड़ युवा एमएसएमई से जुड़े हुए हैं। इसके लिए हमारे उद्यमी बधाई के पात्र हैं। देश की जीडीपी में बड़ी भूमिका निभाने वाली एमएसएमई में सरकार की छोटी बड़ी योजनाओं का भी भरपूर सहयोग रहता है। कहा कि इको सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए व्यापारियों को खासतौर से युवाओं को आगे आना होगा।
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पीयूष बरनवाल
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एमएसएमई को डेवलप करने के लिए उद्योग को और बढ़ाना होगा
पीयूष बरनवाल ने कहा कि एमएसएमई को डेवलप करना है तो हमारे उद्योग को और बढ़ाना होगा। उसकी वजह यह है कि हम लोग प्रकृति को ज्यादा हानि नहीं पहुंचाते। साधारण काम करके भी पूर्वांचल के लोग आगे बढ़ रहे हैं, इसमें सरकार का भरपूर सहयोग मिल रहा है। एक जमाना था व्यापार करने वाले साइकिल से चलते थे, उन्होंने मेहनत और लगन से काम भी किया लेकिन उनके बच्चे अब इस रोजगार में, इस व्यापार में आना नहीं चाहते हैं। हमें उन भटके युवाओं को इस रोजगार की तरफ आकर्षित करवाना होगा। नए लोगों को प्रोत्साहन की जरूरत है।
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सिद्धनाथ सिंह
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कारोबार को और संबल देने की जरूरत
कालीन निर्यातक सिद्धनाथ सिंह ने साफ लफ्जों में कहा कि हमें उद्योग के लिए जमीन चाहिए। कहा कि भाजपा शासन में कारोबार काफी अच्छे तरीके से बढ़ रहा है। इसे और संबल देने की जरूरत है। वहीं डॉ. राजीव कुमार वार्ष्णेय, भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान के डायरेक्टर ने कहा कि टेक्निकल सपोर्ट को और बढ़ाने की जरूरत है।
हम अपनी विरासत का डंका पूरी दुनिया में बजा सकते हैं
कालीन निर्यातक संजय गुप्ता ने कहा कि हम आज गांव में बैठकर इंटरनेशनल कारोबार कर ले रहे हैं, यह आत्मनिर्भरता की पहचान है। ऐसे में एमएसएमई गांव के युवाओं और महिलाओं को काफी लाभ पहुंचा रहा है। हम अपनी विरासत का डंका पूरी दुनिया में बजा सकते हैं, यह बढ़िया मौका है।
छोटे काम में अच्छा मुनाफा कमा रहे युवा
राजेश कुमार कालीन कारोबारी ने कहा कि एमएसएमई में युवाओं की भागीदारी प्रमुख रूप से हो रही है। सरकार की इस योजना का लाभ देश के करोड़ों युवा उठा रहे हैं। छोटे काम में अच्छा मुनाफा कमाकर वह अपना भविष्य बना रहे हैं। एमएसएमई के तहत यूपी की काली नगरी में बहुत सारे बदलाव देखने को मिले हैं, जो काबिले तारीफ है।