तीन साल पहले विकास के नारे का जयघोष कर सोमनाथ की धरती से से बाबा विश्वनाथ की धरती आने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब इस प्राचीनतम शहर के दिल में बस गए हैं। इतने सालों में पीएम मोदी ने जितना प्यार काशी से किया, उतना ही प्यार यहां की जनता ने उन्हें दिया। इसका उदाहरण विधानसभा चुनाव रहे। आगे की स्लाइड में जानते हैं मोदी के आने के बाद काशी में क्या बदला...
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shinjo abe pm modi
- फोटो : अमर उजाला
विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री ने बनारस में कहा था, वह इस शहर को ऐसी स्मार्ट सिटी बनाना चाहते हैं जिससे इस शहर मूल स्वरुप प्रभावित न हो। इसीलिए पीएम मोदी ने काशी के विकास के लिए जापान सरकार से सहयोग मांगा। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे काशी आए। अब बनारस का जापान के प्राचीन शहर क्योटो की तर्ज पर विकास किया जा रहा है।
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town hall varanasi
- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी और इसके आसपास के पूर्वांचल के इलाकों के विकास के लिए करीब 24 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं चल रही हैं। केंद्र और अब राज्य सरकार की कोशिश वाराणसी को पूर्वांचल के विकास का केंद्र बनाने की है। बनारस में ह्दय समेत कई योजनाओं के जरिये यहां की धरोहरों, ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण एवं संवर्द्धन का काम तेजी से चल रहा है।
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assi ghat
- फोटो : social media
तीन साल में बनारस देश के सबसे गंदे शहरों में से आगे बढ़कर अब यूपी का सबसे स्वच्छ शहर बन गया है। ताजा रैंकिंग में बनारस को 32वीं रैंकिंग मिली है। शहर की सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए हर साल 50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। घर-घर से कूड़ा उठाया जा रहा है। करसड़ा प्लांट भी चालू हो गया है। बनारस की पहचान घाटों को संवारने के लिए करीब साढ़े चार सौ करोड़ रुपये दिए गए हैं। घाट पहले से काफी साफ हो गए हैं।
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multi modal terminal
- फोटो : अमर उजाला
गंगा में इलाहाबाद से हल्दिया के बीच शुरू होने वाली जल परिवहन की योजना में काशी को कार्गो हब के रुप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए रामनगर में मल्टी मॉडल टर्मिनल बन रहा है और अब इसे कार्गो हब के रूप में विस्तार दिया जाएगा। इसके तहत इस टर्मिनल में कार्गो के अलावा कोल्ड स्टोरेज, बेवरेज हाउस और पैकिंग आदि की भी सुविधा मिल सकेगी। कार्गो हब बनने के बाद देश के कोने-कोने से हर तरह के उत्पाद सड़क, रेल और जल मार्ग से वाराणसी पहुंचेंगे।
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international tourist lounge varanasi
- फोटो : अमर उजाला
खूबसूरती और सुविधाओं के दृष्टिकोण से वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन को एयरपोर्ट की तरह विकसित किया जा रहा है। इसके लिए स्टेशन के सभी प्लेटफार्म पर फाल्स सीलिंग लगाई जा रही है तो वहीं प्लेटफार्म चौड़ा करने के साथ ही उस पर ग्रेनाइट लगाने का काम शुरू हो गया है। कुछ ही महीने में स्टेशन पर वीआईपी लाउंज, आईटीबी, चौड़े फुटओवरब्रिज, सभी प्लेटफार्म पर स्वचालित सीढ़ी और लिफ्ट लगी नजर आएंगी। इसके साथ ही मंडुवाडीह और सिटी रेलवे स्टेशन को सेटेलाइट टर्मिनल के रूप में विकसित किया जा रहा है।
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pm modi in shri lanka
- फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री का मानना है कि वाराणसी के विकास के लिए सबसे जरुरी है पर्यटन को बढ़ावा देना। आंकड़े इस बात के गवाह हैं कि पिछले तीन सालों में वाराणसी में पर्यटकों की आमद में काफी इजाफा हुआ है। वाराणसी एयरपोर्ट का विस्तार किया जा रहा है। पीएम मोदी ने बौद्ध और तमिल पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए श्रीलंका से वाराणसी के लिए सीधी उड़ान सेवा शुरु करने की घोषणा की है। वाराणसी में पर्यटन के विकास के लिए 222 करोड़ रुपये खर्च किया जा रहा है।
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बीएचयू में लोगों को संबोधित करते पीएम
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वाराणसी पूर्वांचल में मेडिकल सुविधाओं के लिए जाना जाता है। यहां बिहार, नेपाल, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों से मरीज आते हैं। पीएम मोदी ने यहां की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए 1204 करोड़ दिया है। इसके तहत प्रधानमंत्री ने बीएचयू में कैंसर अस्पताल और सुपर स्पेशियलिटी का शिलान्यास किया था।
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संदहा में नारियल फोड़कर काम शुरू करा दिया गया
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वाराणसी की जाम की समस्या को दूर करने लिए शहर के बाहर रिंग रोड बनाया जा रहा है। यहीं नहीं बनारस से सटे हरेक जिले को फोर लेन सड़कों को जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है। सरकार ने सड़कों के निर्माण के लिए आठ हजार करोड़ रुपये से अधिक की योजनाएं स्वीकृत की हैं। इसके तहत वाराणसी की विभिन्न सड़कों का विस्तार भी किया जा रहा है।
Trade Facilitation Centre varanasi
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बनारस के बुनकरों को सही दाम दिलाने के लिए मोदी सरकार ने ट्रेड फैसिलेटेशन सेंटर का निर्माण करवा रही है। इस पर करीब 347 करोड़ रुपये खर्च किया जा रहा है। निफ्ट का कार्यालय भी यहां खोला जा रहा है। सरकार वाराणसी को तारों के जंजाल से मुक्त कराने के लिए आईपीडीएस योजना के तहत भूमिगत केबिल बिछा रही है। कबीरनगर में यह बिछाया जा चुका है।