काशी विद्यापीठ के ललित कला विभाग के परिसर का रैंप छात्र-छात्राओं के डिजाइनर परिधानों से दमक उठा। फैशन शो दृश्यानुभूति में भारतीय और पाश्चात्य परिधानों का संगम दिखा।
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काशी विद्यापीठ में फैशन शो में छात्र-छात्राओं की प्रस्तुति
- फोटो : अमर उजाला
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के ललित कला विभाग का परिसर सोमवार को छात्र-छात्राओं के हाथों से तैयार एक से बढ़कर एक डिजाइनर परिधानों से दमक उठा। बनारसी साड़ियों की एक से बढ़कर एक शृंखला के साथ यहां लोक कला के रंग भी छाए। वेस्टर्न परिधानों के साथ छपाई, ब्लॉक प्रिंट, मधुबनी, अप्पन जैसे छापों की डिजाइन में तैयार परिधानों में तैयार होकर विभाग के ही 40 से अधिक छात्र-छात्राएं जब रैंप पर नजर आए तो पूरा परिसर तालियों के शोर से गूंज उठा।
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काशी विद्यापीठ में फैशन शो में छात्र-छात्राओं की प्रस्तुति
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काशी विद्यापीठ के ललित कला विभाग में संचालित पीजी डिप्लोमा इन फैशन डिजाइनिंग की ओर से आयोजित फैशन शो ‘दृश्यानुभूति’ का उद्घाटन कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने किया। शो के पहले राउंड में वाराणसी की प्रसिद्ध बनारसी साड़ियों की शृंखला को मॉडल ने सधे अंदाज में पेश किया। इन साड़ियों को विभाग के पूर्व छात्र अब्दुल कुद्दूस ने डिजाइन किया था।
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काशी विद्यापीठ में फैशन शो में छात्र-छात्राओं की प्रस्तुति
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दूसरा राउंड लोक कला पर आधारित रहा। इसमें मधुबनी, अप्पन और वर्ली डिजाइन में तैयार परिधान पहनकर छात्र-छात्राओं ने रैंप पर वॉक किया। तीसरा राउंड स्टेंसिल्स प्रिंट और चौथा कैजुअल ब्लॉक प्रिंट पर आधारित रहा। पांचवें राउंड में वेस्टर्न परिधान में छात्र-छात्राओं ने कैटवॉक किया। इसमें सूट, साड़ी के साथ आधुनिक ड्रेस के डिजाइन प्रस्तुत किए गए। छठे राउंड में छात्राएं डिजाइनर गाउन में नजर आईं।
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इन परिधानों को विभाग की शिक्षिका एस. एजेला के नेतृत्व में विभाग की उजाला, सोनी, प्रीति, हर्षिका, सृष्टि, करिश्मा, रवीना, सबिया, ज्योति, शिवानी, सोनाली, निधि और सुहानी ने तैयार किया। फैशन शो को विभाग के पूर्व छात्र लव पांडेय ने कोरियोग्राफ किया।
काशी विद्यापीठ में फैशन शो में छात्र-छात्राओं की प्रस्तुति
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स्वागत विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा ने किया। संचालन मेधा धारा और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शत्रुघ्न प्रसाद ने किया। इस मौके पर विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय, चीफ प्रॉक्टर प्रो. अमिता सिंह, उपकुलसचिव हरिश्चंद्र, डॉ. सलेहा आब्दी, डॉ. जसविंदर कौर, डॉ. कविता आर्य आदि मौजूद रहे।