रात नहीं ख्वाब बदलता है, मंजिल नही कारवां बदलता है... जज्बा रखो जीतने का क्योंकि, किस्मत बदले न बदले पर वक्त जरूर बदलता है... मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है... इन पंक्तियों को सार्थक कर रही हैं शहर की कई बेटियां और महिलाएं, जिन्हें कोमल और कमजोर माना जाता है। आज वह कई अलग-अलग क्षेत्रों में कामयाबी की इबारत लिखकर परचम फहरा रही हैं। विश्व मलाला दिवस पर हम आपको बता रहे हैं शहर की ऐसी ही कुछ सशक्त युवतियों और महिलाओं की कहानी... पढ़ें आगे की स्लाइड्स में...