रंग-बिरंगी पतंगों से सजा आसमान।
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काशी विद्यापीठ की बीए की छात्रा रक्षा राजपूत करीब एक हफ्ते से पतंग उड़ा रही हैं और अब तक 15 पतंगें काट चुकी हैं। इसमें 11 पतंगें लड़कों की थीं। रक्षा कहती हैं कि पहले लोगों की सोच अलग थी, लेकिन अब लोगों की सोच बदल गई है। पतंग उड़ाना, मांझा थामना और मुकाबले करना पुरुषों का काम माना जाता था। लेकिन, अब हम इसमें हिस्सा ले रहे हैं और इस बदलाव के गवाह हैं। हालांकि इस खेल में चुनौतियां भी हैं।