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‘मानस मसान’ आरंभ: व्यास काशी में मोरारी बापू ने बहाई ज्ञान-भक्ति, वैराग्य की गंगा

Sun, 22 Oct 2017 01:55 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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सतुआ बाबा की गोशाला में नौ दिवसीय ‘मानस मसान’ आरंभ - फोटो : अमर उजाला
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रामकथा मर्मज्ञ संत मोरारी बापू ने शनिवार को गंगा पार व्यास काशी में ज्ञान-भक्ति-वैराग्य की अविरल धारा प्रवाहित की। ‘मसान के मानस’ से परिचित कराया। इसके पीछे के गूढ़ तत्वों की विशद व्याख्या की। उनका कहना था कि मानस स्वयं में एक मसान है। उन्होंने मसान के सार को निरूपित करते हुए कहा कि जीवन से प्रलोभन और मृत्यु का भय निकल जाए तो मुक्ति मुट्ठी में आ जाती है।
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प्रसन्नता का खजाना यूं ही हाथ लग जाता है। मसान ज्ञान की भूमि है। या तो वहां विश्राम मिलेगा या फिर हमेशा के लिए जागृति मिल जाएगी। इसी के साथ पतित पावनी के तट पर नौ दिवसीय रामकथा की गंगा बह निकली। 

सतुआ बाबा के गोशाला परिसर के 15 बीघा क्षेत्रफल में एसी कॉटेज और मणिकर्णिका महाश्मशान की अनुकृति वाले विशाल पंडाल में मोरारी बापू की रामकथा सुनने अपार जन सैलाब उमड़ पड़ा। दोपहर बाद अस्सी घाट पर पास गंगा के आगे शीश नवाकर बापू नाव से कथास्थल पर पहुंचे।
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वहां पोथी शोभायात्रा निकाली गई। इसके बाद हर-हर महादेव के गगनभेदी जयकारे के साथ बापू व्यासपीठ पर आसीन हुए। मानस की स्वरमयी पंक्तियों के साथ लय-ताल के समन्वय पर कथा प्रेमी झूमने लगे। बापू ने बाबा विश्वनाथ की नगरी में मानस मसान की व्याख्या को गति दी।

बताया कि गोस्वामी तुलसी दास ने रामचरित मानस में सिर्फ तीन बार मसान शब्द का उल्लेख किया है। बाल कांड से लंका कांड तक मृत्यु के प्रसंग कहीं न कहीं आए हैं लेकिन उत्तर कांड में मृत्यु के भय का संदेश नहीं मिलता। इसे अमरत्व का कांड कहा जा सकता है। 

...जब बापू ने श्मशान का किया उद्घाटन

मोरारी बापू - फोटो : अमर उजाला
बापू ने बताया कि बुद्धों की दृष्टि में किसी भी महत्वपूर्ण विषय की तीन प्रकार से ही व्याख्या पाई गई है। इसी तरह तुलसीदास ने मानस में मसान की व्याख्या तीन बार में भौतिक, दैविक और आध्यात्मिक स्वरूप में की है। मसान पर मनुष्य सदा के लिए सो जाता है या फिर सदा के लिए जागने की उसे शक्ति मिल जाती है। मसान का सही अर्थ मिल जाने पर सदा के लिए इंसान जाग सकता है।

संत मोरारी बापू ने शनिवार को व्यासपीठ से मसान को लेकर दिलचस्प संस्मरण सुनाकर कथा प्रेमियों को चकित कर दिया। बापू ने उस प्रसंग का जिक्र किया जब उन्हें एक बार किसी परिचित ने मुंबई में श्मशान के उद्घाटन के लिए बुला लिया था।

तब संकट दूर करने के लिए उन्हें अनेक युक्तियां सोचनी पड़ी थीं। हनुमान जी का स्मरण करना पड़ा था। इसलिए कि उनमें अभी जीवन जीने की इच्छा थी। अंतत: ईश्वर ने सुन ली और एक ऐसी वृद्ध महिला के पार्थिव शरीर को लेकर अग्नि संस्कार के लिए लोग वहां पहुंचे और उनको संकट से छुटकारा मिल सका।

मानस मसान के आरंभ के मौके पर महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा, पद्मभूषण पं. छन्नूलाल मिश्र, कथा यजमान मिराज ग्रुप के एमडी मदन पालीवाल, समाजसेवी किशन कुमार जालान समेत तमाम लोग उपस्थित थे।  
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मोरारी बापू की कथा के मद्देनजर रूट डायवर्जन और पार्किंग

कथा सुनने उमड़ा जनसैलाब - फोटो : अमर उजाला
- 29 अक्तूबर तक मुगलसराय थाना के चंधासी और रामनगर थाना क्षेत्र में दुर्गा मंदिर रामबाग से कटरिया के बीच ट्रकों के आवागमन पर सुबह 6:30 से 9:30 बजे तक और दोपहर एक बजे से चार बजे तक प्रतिबंध रहेगा।
- दोपहिया वाहन पड़ाव-रामनगर मार्ग स्थित सेमरा मोड़ से प्रवेश कर सेमरा गांव होते हुए साधु संत निवास पंडाल के निकट सतुआ बाबा गौशाला गेट के पास स्थित पार्किंग स्थल में खड़े होंगे।
- चार पहिया वाहन पड़ाव-रामनगर मार्ग स्थित सेमरा मोड़ से प्रवेश कर सेमरा गांव होते हुए स्थल साधु संत निवास पंडाल के निकट सतुआ बाबा गौशाला गेट के पास स्थित पार्किंग स्थल के सामने उत्तर दिशा में खड़े होंगे।
- ट्रैक्टर, ऑटो, विक्रम सेमरा मोड़ से प्रवेश सेमरा गांव होते हुए एचपीएस गैस एजेंसी के पास स्थित पार्किंग स्थल में खड़े होंगे।
- वीआईपी/वीवीआईपी वाहन सेमरा मोड़ से सेमरा गांव होते हुए कथा स्थल मंच के पूर्व-दक्षिण स्थित पार्किंग स्थल में खड़े होंगे। यहां सिर्फ पास प्राप्त श्रद्धालुओं का ही प्रवेश मान्य होगा।

100 लोगों की क्षमता वाली नाव में बैठेंगे सिर्फ 50 लोग
एसपी ट्रैफिक सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि अस्सी घाट, दशाश्वमेध घाट, मणिकर्णिका घाट, गाय घाट और राज घाट से श्रद्धालुओं को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने के लिए 20-20 नावें मौजूद रहेंगी। इनमें 100 की क्षमता वाली नाव में सिर्फ  50 व्यक्ति, 50 व्यक्ति की क्षमता वाली नाव में 28 लोग और 25 की क्षमता वाली नाव में 15 लोगों को ही बैठाया जाएगा।

इस मानक का उल्लंघन करने वाले नाविक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नावों की पहचान के लिए वे जिस घाट से जाएंगी उनका नाम, नंबर और ध्वज लगा होगा। कार्यक्रम स्थल तक आने-जाने में किसी प्रकार की असुविधा होने पर श्रद्धालु सिटी कंट्रोल रूम में 9454401645 पर और थानाध्यक्ष रामनगर के मोबाइल नंबर 9454404396 पर फोन कर समस्या बता सकेंगे।

पड़ाव की तरफ  से कथा स्थल जाने के लिए तीन मार्ग हैं -
- सेमरा मोड़ - यह मुख्य मार्ग रहेगा। इससे सभी वाहनों और श्रद्धालुओं का आवागमन होगा।
- सूजाबाद पुलिस चौकी के पास से - यह संकरा मार्ग है। इसका प्रयोग मुख्य मार्ग पर ज्यादा दबाव बढ़ने पर किया जाएगा।
- ग्रे वाइन होटल के बगल से - इस मार्ग का उपयोग भी मुख्य मार्ग पर ज्यादा दबाव बढ़ने पर किया जाएगा।
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