फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वर्णमयी अन्नपूर्णा का खुला दरबार, मां के दरबार में लुटाया गया अन्न-धन का खजाना

Wed, 18 Oct 2017 02:18 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
विज्ञापन
1 of 6
annpurna - फोटो : अमर उजाला
 काशी में धनतेरस पर मंगलवार को अन्न-धन, वैभव और ऐश्वर्य की प्रदाता स्वर्णमयी अन्नपूर्णा के कपाट खोल दिए गए। स्वर्णिम आभा से दमकती मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा की झलक पाने के लिए देश के कोने-कोने से श्रद्धालु उमड़ पड़े। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें..

 
विज्ञापन

2 of 6
annpurna - फोटो : अमर उजाला
उत्तर-दक्षिण से लेकर पूरब-पश्चिम तक के राज्यों से आए लोगों ने दिन भर लंबी कतार में लगकर मां के दर्शन किए। दर्शन के बाद मां के दरबार में सिक्का और लावा का खजाना पाने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ मची रही। शाम छह बजे तक 1.25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई।
 
विज्ञापन

3 of 6
annpurna - फोटो : अमर उजाला
तीर्थनगरी में चार दिन तक सोने की अन्नपूर्णा की प्रतिमा के कपाट आम भक्तों के लिए खुले रहेंगे। वर्ष में एक बार सिर्फ धनतेरस पर ही स्वर्णिम छटा वाली मां के दरबार को श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है।  मान्यता है कि मां का खजाना घर को धन-धान्य से पूर्ण रखता है, किसी वस्तु की कमी नहीं होने पाती। मां का खजाना प्राप्त करने के लिए उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से लोग आते हैं।  
 

4 of 6
annpurna - फोटो : अमर उजाला

तीन बजे भोर में ही तीर्थपुरोहितों ने वेद ऋचाओं के सस्वर गान के साथ बाबा विश्वनाथ के मंदिर से अन्नपूर्णा धाम की पहली मंजिल पर स्थित स्वर्णमयी अन्नपूर्णा का षोडशोपचार विधि से पूजन किया। थालियों में नोटों की गड्डियों के अलावा हीरा, मोती, माणिक, पन्ना से जड़ित मालाओं, स्वर्ण आभूषणों, सिक्कों का खजाना में के दरबार में सजाया गया। 
विज्ञापन

5 of 6
annpurna - फोटो : अमर उजाला


महंत रामेश्वरपुरी महाराज ने सुबह पांच बजे महाआरती की। इसी के साथ स्वर्णिम अन्नपूर्णा के कपाट चार दिन के लिए आम भक्तों के लिए खोल दिए गए। दर्शन के लिए मां के पट खुलते ही गगनभेदी जयकारे गूंजने लगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
annpurna - फोटो : अमर उजाला
नोटों की गड्डियों, सोने, हीरे के आभूषणों और रत्नों से सजी थालियां रखकर मां की सविधि पूजा की गई। षोडशोपचार पूजन के बाद महंत रामेश्वरपुरी महाराज ने मां की महाआरती की। 
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें