बाबा विश्वनाथ और मां गौरा का विवाहोत्सव
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डमरू की डम-डम, बैंड-बाजे की धुन, हाथी, घोड़ा, ऊंट और रथों ने बरात की शोभा बढ़ाई। तिलभांडेश्वर मंदिर पर महिलाओं ने भोलेनाथ का परछन किया। इसके बाद बाबा की बरात बनारस की गलियों में निकल पड़ी। इसके अलावा सारनाथ, बैजनत्था, जंसा, रामेश्वर समेत कई इलाकों में शिव बरात निकाली गई।