पार्वती के साथ भेजे जाने वाले सामान
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रविवार को रंगभरी एकादशी पर प्रतिमाओं का विशेष अनुष्ठान ब्रह्म मुहुर्त में प्रात: 3:30 से 4:30 तक स्नान व पूजन किया गया। 6:00 तक 11 वैदिक ब्राह्मणों द्वारा अभिषेक और सुबह 6:30 से 8:30 तक मातृका पूजन किया गया। सुबह 8:30 बजे विशेष राजशी श्रृंगार हुआ और 11 बजे भोग आरती के बाद 11:30 बजे पालकी पर प्रतिमाओं को विराजमान किया गया। इसके बाद आम श्रद्धालुओं के लिये मंहत आवास में पालकी दर्शन प्रारंभ हुआ। दोपहर 12 बजे विश्वनाथ मंदिर में भोग आरती के बाद मंहत आवास में संजीव रत्न मिश्र के संयोजन में सांस्कृतिक कार्यक्रम शिवांजली का आयोजन किया गया, जिसमें काशी, मथुरा व अवध के कलाकारों द्वारा होली गीत व नृत्य नाटिका में भस्म की होली प्रस्तुत की। सांयकाल 5 बजे रजत पालकी यात्रा निकाली जायेगी, जो मंहत आवास से मंदिर तक जायेगी।