सदी का सबसे लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण 104 साल बाद 27 जुलाई को लगने वाला चंदग्रहण पूरे भारत में दिखाई देगा। ग्रहण रात में 11.54 मिनट से स्पर्श करके 28 जुलाई को भोर से पहले 3.49 मिनट पर समाप्त होगा। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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चंद्रग्रहण
- फोटो : अमर उजाला
खग्रासारंभ रात्रि एक बजे शुरू होगा और खग्रास का समापन रात्रि 2.43 बजे होगा। इस दौरान चंद्रमा पूरी तरह से ढका रहेगा। यह चंद्रग्रहण उत्तराषाढ़ा नक्षत्र व श्रवण नक्षत्र में जन्म लेने वालों के लिए अशुभ है।
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Partial lunar eclipse
ज्योतिष शास्त्री पं. दीपक मालवीय ने बताया कि चंद्रग्रहण को भारत के अलावा दुनिया के कई देशों में देख जा सकेगा। यह चंद्रग्रहण मकर राशि पर लगेगा और स्पर्श के समय उत्तराषाढ़ा नक्षत्र होगा।
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चंद्रग्रहण
- फोटो : अमर उजाला
मोक्ष के समय श्रवण नक्षत्र होगा तथा मकर राशि होगी। इसलिए उत्तराषाढ़ा व श्रवण नक्षत्र में जन्म लेने वालों को चंदग्रहण को देखने से बचना चाहिए। यह उनके लिए अशुभ फलदायी है।
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चंद्रग्रहण
- फोटो : अमर उजाला
बारह राशियों के फल की बात करें तो मेष राशि वालों को सुख, वृष को मान हानि, मिथुन को मृत्यु तुल्य कष्ट, कर्क राशि वालों को स्त्री कष्ट, सिंह को संपन्नता, कन्या को मानसिक तनाव, तुला व्यथा, वृश्चिक को आय में वृद्धि, धनु को क्षति, मकर राशि को विश्वासघात, कुंभ को हानि और मीन राशि वालों को आय में वृद्धि का फल मिलेगा।
चंद्रग्रहण का सूतक नौ घंटे पहले शुरू हो जाता है। सूतक लगने के बाद मंदिर में प्रवेश, देव मूर्तियों को स्पर्श, भोजन करना, यात्रा इत्यादि वर्जित है। ग्रहण अवधि में श्राद्ध, दान, जप, मंत्र सिद्धि इत्यादि का शास्त्रोक्त विधान है।