15 साल पहले सूनी कोख लेकर स्नान किया, अब बेटे-बेटियों के साथ डुबकी लगाकर महादेव का जयघोष किया। काशीखंड का पता भले ही न हो, लेकिन गांव वालों से सुनकर और रील में देखकर यहां आ गए। सॉफ्टवेयर इंजीनियर, शिक्षक और स्वर्णकार को लोलार्क स्नान के बाद ही बेटे-बेटियां हुईं। पहली डुबकी लगाई तो बेटी पैदा हुई, दोबारा लगाने पर बेटा मिला, अब मुंडन कराने भी पहुंचे।