इस तरह वाराणसी जिले में विपक्ष भाजपा और खासतौर पर मोदी को घेरना चाहता है। सपा की ओर से सुरेंद्र सिंह पटेल का नाम कमोवेश तय है लेकिन घोषणा नहीं की जा रही है। प्रियंका के चुनाव लड़ने पर पार्टी इस सीट पर विपक्ष का संयुक्त उम्मीदवार लड़ाने पर सहमत हो सकती है। उधर, विपक्षी दल छोटे दलों को एकजुट करने में लग गए हैं। विपक्ष चाहता है कि वाराणसी में यादव, मुस्लिम और दलित वोटों में सेंधमारी न होने पाए। इसके लिए छोटे दलों से सपा, बसपा और कांग्रेस के नेता संपर्क में हैं।