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पीएम मोदी के खिलाफ अभी तक नहीं हुई प्रत्याशियों की घोषणा, सपा-बसपा गठबंधन को भी प्रियंका का इंतजार! 

Mon, 22 Apr 2019 11:49 AM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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लोकसभा चुनाव 2019 में देश के प्रधानमंत्री और वाराणसी के सांसद नरेंद्र मोदी एक बार फिर से काशी से ही मैदान में उतर रहे हैं। वाराणसी में अगर अन्य दलों की बात करें तो ना ही कांग्रेस और ना ही सपा-बसपा गठबंधन ने अभी तक अपने प्रत्याशी उतारे हैं। वहीं लोगों में यह भी चर्चा है कि वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ प्रियंका गांधी को उतारा जा सकता है। सवाल यह उठता है कि क्या सपा-बसपा गठबंधन भी प्रियंका गांधी का इंतजार कर रहा है। पढ़ें आगे की स्लाइड्स में...
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सपा-बसपा गठबंधन को कांग्रेस की ओर से वाराणसी संसदीय सीट पर प्रत्याशी के रूप में प्रियंका गांधी के आने का इंतजार है। सपा और बसपा के स्थानीय नेता अनौपचारिक बातचीत में कहते हैं कि यदि प्रियंका चुनाव लड़ीं तो गठबंधन का प्रत्याशी नहीं उतारा जाएगा। इस बीच कांग्रेस के बड़े नेताओं का कहना है कि 22 से 29 अप्रैल तक चलने वाली नामांकन प्रक्रिया के आखिरी दौर में प्रत्याशी का नाम घोषित किया जाएगा। जानकार मान रहे हैं कि प्रियंका के वाराणसी से चुनाव लड़ने पर पूर्वांचल में चुनावी लड़ाई दिलचस्प हो जाएगी।
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सपा और कांग्रेस ने पीएम मोदी के नाम की घोषणा के बावजूद वाराणसी सीट पर सस्पेंस बरकरार रखा है, उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि प्रत्याशियों के तौर पर चौंकाने वाले नाम आएंगे। कांग्रेस ने इसी रणनीति के तहत अब तक प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है। सपा ने चंदौली और कांग्रेस ने मछलीशहर से प्रत्याशी नहीं घोषित किया है। वाराणसी जिले के दो विधानसभा क्षेत्र शिवपुर और अजगरा चंदौली लोकसभा क्षेत्र में आते हैं, जबकि पिंडरा विधानसभा मछलीशहर क्षेत्र का हिस्सा है।

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मछलीशहर सीट गठबंधन से बसपा के कोटे में है। इस बीच एक सूची वायरल हुई जिसमें सपा के पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह को चंदौली से प्रत्याशी बनाने की बात थी। सपा प्रवक्ता मनोज राय धूपचंडी ने कहा कि वायरल सूची को फर्जी बता दिया है। सूत्र कह रहे हैं कि वाराणसी सीट पर सपा से बात बनने पर कांग्रेस चंदौली से पूर्व में घोषित प्रत्याशी को वापस ले सकती है, ताकि दोनों सीटों पर पीएम मोदी और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय से विपक्ष का आमने-सामने का मुकाबला हो जाए।
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इस तरह वाराणसी जिले में विपक्ष भाजपा और खासतौर पर मोदी को घेरना चाहता है। सपा की ओर से सुरेंद्र सिंह पटेल का नाम कमोवेश तय है लेकिन घोषणा नहीं की जा रही है। प्रियंका के चुनाव लड़ने पर पार्टी इस सीट पर विपक्ष का संयुक्त उम्मीदवार लड़ाने पर सहमत हो सकती है। उधर, विपक्षी दल छोटे दलों को एकजुट करने में लग गए हैं। विपक्ष चाहता है कि वाराणसी में यादव, मुस्लिम और दलित वोटों में सेंधमारी न होने पाए। इसके लिए छोटे दलों से सपा, बसपा और कांग्रेस के नेता संपर्क में हैं।
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