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जानिए पर्चा रद्द होने के बाद तेज बहादुर के साथ क्या करेगी सपा, शालिनी यादव को मिला पार्टी का सिंबल

Thu, 02 May 2019 01:52 PM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी सीट पर सपा का दांव सटीक नहीं रहा। सपा के अधिकृत प्रत्याशी तेज बहादुर यादव का नामांकन रद्द हो गया है। हालांकि पूर्व घोषित प्रत्याशी शालिनी यादव का नामांकन वैध पाए जाने के कारण सपा मैदान में बची रह गई है। शालिनी को चुनाव आयोग की ओर से पार्टी का सिंबल जारी कर दिया गया है। पढ़ें आगे की स्लाइड्स में...
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नामांकन प्रक्रिया के अंतिम समय में सपा ने वाराणसी संसदीय सीट पर अपने प्रत्याशी को बदल दिया था। कई दिन से ऊहापोह से गुजर रही सपा के सामने अब जहां शालिनी को मजबूत प्रत्याशी के तौर पर लड़ाने की चुनौती है, वहीं उनके चुनाव मैदान में बने रहने से सपा में बिखराव की आशंका भी बढ़ गई है। पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल ने तेज बहादुर के प्रत्याशी बनने के बाद शालिनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 
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यही नहीं जुलूस के साथ नामांकन करने पहुंची शालिनी के साथ पार्टी के कई पदाधिकारी थे, जबकि तेज बहादुर के साथ केवल पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री मनोज राय धूपचंडी थे। अब सपा के पास शालिनी के अलावा कोई विकल्प नहीं है। शालिनी की राह को आसान करने के लिए सपा में भितरघात और बिखराव रोकना भी चुनौती होगा। सपा की कोशिश है कि शालिनी के चुनावी मंच पर तेज बहादुर को भी मौजूद रखकर भाजपा की घेराबंदी की जाए। 

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तेज बहादुर को स्टार प्रचारक बनाएगी सपा :
उम्मीदवारी रद्द होने के बाद सपा तेज बहादुर यादव को पूर्वांचल में अपने स्टार प्रचारकों में शामिल करेगी। सपा के मंचों से तेज बहादुर चुनाव प्रचार में पीएम मोदी के खिलाफ पार्टी का चेहरा बनेंगे। बुधवार को सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने ने बताया कि तेज बहादुर राजनीतिक षडयंत्र का शिकार हुआ है। सपा उसके जरिए भाजपा के अन्याय को बताएगी। तेज बहादुर के जरिए सपा अपने आधार यादव मत साधने के साथ ही राष्ट्रवाद के मुद्दे को लेकर भाजपा से मुकाबिल होगी।  
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संजय सिंह - फोटो : amar ujala
संजय सिंह ने फैसले को तानाशाही बताया :
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बयान जारी कर कहा कि जब आतंकी, माफि या, गुंडे, अपराधी सभी चुनाव लड़ सकते हैं तो बीएसएफ का बर्खास्त जवान तेज बहादुर क्यों नहीं। नामांकन रद्द करने के फैसले को तानाशाही भरा बताते हुए संजय सिंह के बयान के हवाले से जिलाध्यक्ष मुकेश सिंह ने स्थानीय प्रशासन को भी कटघरे में खड़ा किया है।
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