फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'रोटी की जंग' छेड़ने वाला BSF का जवान बना सपा प्रत्याशी, दुखद है तेज बहादुर की पारिवारिक कहानी

Wed, 01 May 2019 07:01 PM IST
Sayali Maurya शायली रेखा मौर्या,अमर उजाला,वाराणसी
विज्ञापन
1 of 8
तेजबहादुर यादव
वाराणसी की लोकसभा सीट पर सपा प्रत्याशी के रूप में तेज बहादुर यादव एक बार फिर से सुर्खियों में आ गए हैं। सोशल मीडिया पर खराब खाने का वीडियो वायरल कर 'रोटी की जंग' छेड़ने वाले बीएसएफ के जवान तेज बहादुर को 19 अप्रैल 2017 को सेना से बर्खास्त कर दिया गया था। तेजबहादुर का परिवार नौकरी जाने के बाद एक बड़ी आहत करने वाली घटना से भी गुजर चुका है। तेज बहादुर यादव के पारिवारिक जीवन के बारे में पढ़ें आगे की स्लाइड्स में....
विज्ञापन

2 of 8
तेज प्रताप यादव का परिवार - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा में महेंद्रगढ़ जिले के राताकलां गांव में रहने वाले तेज बहादुर सिंह का परिवार ही स्वतंत्रता सेनानियों वाला रहा है। उनके पिता शेर सिंह बताते हैं कि तेज बहादुर के दादा ईश्वर सिंह आजाद सुभाष चंद्र बोस के साथ रहते थे। हरियाणा सरकार ने उन्हें ताम्र पत्र देकर सम्मानित किया था।
विज्ञापन

3 of 8
तेजबहादुर पांच भाई हैं। उनके बड़े भाई सुभाष चंद गुजरात पुलिस में हैं। दूसरे भाई कृष्ण दीप किसान हैं। तीसरे भाई भीम सिंह बीएसएफ के जवान हैं। वहीं चौथे भाई हनुमान खेती करते हैं। तेज बहादुर सभी भाइयों में सबसे छोटे हैं।

4 of 8
तेज प्रताप यादव अपने पत्नी और बेटे के साथ - फोटो : अमर उजाला
तेज बहादुर की पत्नी शर्मिला रेवाड़ी की एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती हैं। उनका इकलौता बेटा रोहित था। 18 जनवरी 2019 को तेज बहादुर यादव के 22 वर्षीय बेटे रोहित ने आत्महत्या कर ली। हरियाणा के रेवाड़ी स्थित अपने आवास में रोहित ने खुद को गोली मारी ली। घटना के समय तेज बहादुर प्रयागराज में चल रहे कुंभ मेले में गए हुए थें, वहीं पत्नी शर्मिला अपने ऑफिस गई हुई थी। रोहित दिल्ली विश्वविद्यालय में बीए प्रथम वर्ष का छात्र था जिसके बाद तेजबहादुर का परिवार काफी टूट गया था। लेकिन तेज बहादुर ने अपनी जंग जारी रखी।
विज्ञापन

5 of 8
वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और बीएसएफ से मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। इस बीच तेजबहादुर ने वीआरएस के लिए अप्लाई किया था, जिसे स्वीकार नहीं किया गया। बल्कि उन्हें निर्देश दिया गया कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, वे बीएसएफ नहीं छोड़ सकते। 
विज्ञापन

6 of 8
19 अप्रैल को तेज बहादुर को बीएसएफ से बर्खास्त कर दिया गया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर बीएसएफ ने तेज बहादुर यादव को नौकरी से निकालने का फैसला किया था। उन पर सीमा सुरक्षा बल का अनुशासन तोड़ने को लेकर जांच की गई थी और फिर उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। वहीं बर्खास्त होने के बाद तेज बहादुर ने कहा था कि वह न्याय के लिए लड़ाई जारी रखेंगे।
विज्ञापन

7 of 8
बर्खास्त होने के बाद तेजबहादुर यादव फौजी एकता न्याय कल्याण मंच नाम से एक एनजीओ चलाने लगे। तेज बहादुर का एनजीओ भारत के सभी सैनिकों के हितों के लिए बनाई गई एक संस्था है। जिसका कार्य देश के सभी सैनिकों के हितों की रक्षा के लिए काम करना है। इसी उद्देश्य के साथ तेजबहादुर पहले निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे, लेकिन 29 अप्रैल को सपा ने उन्हें अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। वहीं, तेजबहादुर की बर्खास्तगी उनके चुनावी रण के आड़े आ रही है। नामांकन पत्र में दो अलग ब्योरा देने पर तेज बहादुर फंस गए। जिसके बाद तेज बहादुर का नामांकन रद्द कर दिया गया।
विज्ञापन

8 of 8
बर्खास्त करने से पहले भी तेज बहादुर को बीएसएफ कई बार दंडित कर चुका है। दिल्ली हाईकोर्ट में पेश किए गए एक हलफनामे के हवाले से पता चला है कि तेजबहादुर कई बार अनुशासनहीनता कर चुके हैं। तेज बहादुर को एक बार बिना इजाजत 13 दिन की छुट्टी जाने पर दंड मिला था। 28 अगस्त, 2007 में नशा करने कि लिए दंडित किया गया। 31 मार्च, 2010 को वरिष्ठ अफसरों को धमकी देने के आरोप में 89 दिनों के लिए कोर्ट मार्शल हुआ।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें