दो दिन बाद जब बुधवार करीब साढ़े 11 बजे शहीद अश्वनी का पार्थिव शरीर उनके गांव चकदाउद में घर पहुंचा तो परिजनों समेत वहां मौजूद लोगों की आंखें नम थीं। शहीद का पार्थिव शरीर मंगलवार शाम को पहुंचना था, लेकिन मौसम खराब होने के कारण चार्टर्ड प्लेन नहीं आ सका। जम्मू-कश्मीर से सेना के हेलीकॉप्टर द्वारा शहीद का शव दिल्ली पहुंचा। तभी आंधी और बारिश की सूचना मिलने पर आगे की यात्रा स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद बुधवार सुबह पार्थिव शरीर बनारस पहुंचा, उसके बाद गाजीपुर में लाया गया।