बुधवार को एक महिला ने वाराणसी कैंट बस अड्डे पर खड़ी वाल्वो बस में पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी। आग की लपटों में घिरी बस देख यात्रियों, रोडवेज कर्मियों और दुकानदारों में भगदड़ मच गई। आननफानन में 60 से ज्यादा बसों को बस अड्डे से बाहर निकाला गया। बस अड्डे पर मौजूद लोगों ने उस महिला को पकड़ कर रोडवेज पुलिस चौकी को सौंप दिया। लगभग एक घंटे तक अफरातफरी की स्थिति रही। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें....
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vandna raghuvanshi
- फोटो : अमर उजाला
सिगरा थाने में उस महिला के खिलाफ गंभीर आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस हिरासत में वंदना ने बताया कि एक अरसे से उसके संगठन के लोग पूर्वांचल राज्य की मांग के लिए अनशन कर रहे हैं। वाल्वो बस को आग लगाने के आरोप में गिरफ्तार वंदना रघुवंशी एक संगठन पूर्वांचल राज्य जनांदोलन की वरिष्ठ राष्ट्रीय महासचिव हैं। यह संगठन अलग पूर्वांचल राज्य की मांग कर रहा है। समय समय पर छोटे प्रदर्शन करता रहता है। कैंट रेलवे स्टेशन, मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन व सिटी स्टेशन पर 14 बार ट्रेन रोकने की भी कोशिश कर चुका है।
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varanasi
- फोटो : amar ujala
इस संगठन की स्थापना सितंबर 2013 में हुई थी। पांच जून 2016 को इस संगठन ने पहला प्रदर्शन किया। इस संगठन की प्रमुख मांग है कि पूर्वांचल राज्य बने और काशी को इसकी राजधानी बनाया जाए। इसके सक्रिय सदस्यों की संख्या 200 के लगभग है और इनमें 50 पदाधिकारी हैं। हालांकि संगठन अपने साथ पूर्वांचल के लाखों लोगों के जुड़े होने का दावा करता है। संगठन के राष्ट्रीय संयोजक अनुज रही हैं। 2017 में अप्रैल और सितंबर में कैंट रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रोकने का प्रयास हुआ।
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- फोटो : amar ujala
इसे लेकर विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इसी प्रकार सिटी और मंडुवाडीह पर प्रदर्शन के बाद मुकदमा दर्ज हुआ। इस संगठन के कुछ पदाधिकारी 15 अगस्त से अनशन पर हैं। पहले लहुराबीर से अनशन शुरू हुआ। हालत बिगड़ने पर सभी को कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल में भर्ती करा दिया था। तब से अनशन वहीं चल रहा है। संगठन के प्रवक्ता राजेश पांडेय ने दावा किया कि पीएम मोदी के दौरे से पहले ही 16 सितंबर की शाम प्रशासन ने वंदना रघुवंशी को घर में नजरबंद कर दिया था और 18 सितंबर की शाम को छोड़ा गया।
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- फोटो : amar ujala
वंदना को जब पुलिस चौकी ले जाया जा रहा था तो वह चिल्ला रही थी मीडिया ने हमें दिखाना बंद कर दिया है। अब वह दिखाएगा। उसने लोगों की तरफ पंफलेट उछालते हुए कहा कि लो पढ़ लो सब लोग। हमारी तो जिंदगी तबाह हो गई।
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- फोटो : अमर उजाला
बस अड्डा परिसर में वाल्वो जल रही थी और स्थानीय प्रबंधन आधे घंटे तक तमाशबीन बना दमकल के आने का इंतजार करता रहा। न पानी, न बालू बाल्टी और न ही अग्निशमक यंत्रों का इस्तेमाल किया गया। अग्नि सुरक्षा के लिहाज से यह दयनीय हालत उस कैंट रोडवेज परिसर की है, जहां से रोज 500 से ज्यादा बसें चलती हैं और हजारों यात्री सफर करते हैं। कुछ नई बसों को छोड़कर ज्यादातर बसों में फायर एक्सटिंग्यूशर तक नहीं हैं। इस तरह यात्रियों की सुरक्षा से खुला खिलवाड़ हो रहा है।
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- फोटो : amar ujala
कैंट रोडवेज बस अड्डे पर कई सीसी कैमरे काम नहीं कर रहे हैं। घटना के बाद जब पुलिस ने रोडवेज प्रशासन से सीसी फुटेज मांगा तो कई कैमरे काम न करने की वजह से पर्याप्त जानकारी नहीं मिल सकी। बस में आग लगाने के बाद बाहर निकली महिला पंफलेट फेंक रही थी और आग लगाने की बात भी स्वीकार कर रही थी। बावजूद इसके चौकी के सिपाही सक्रिय नहीं हुए। रोडवेज कर्मी और लोग ही उसे पकड़कर चौकी ले गए। वहां भी वह बहुत देर तक बिना किसी रोक टोक के वह नारे लगाती रही।
वाल्वो की बस लखनऊ जाने को तैयार थी। इसमें दो लखनऊ और एक जौनपुर का यात्री सवार था। चालक और परिचालक भी मौजूद था। आग-आग चिल्लाते हुए वंदना रघुवंशी बाहर निकली तो यात्रियों को भी बाहर निकलने के लिए कहा। वाल्वो बस में अंदर ज्यादा नुकसान हुआ। सूत्रों की मानें तो आग लगाने के लिए पेट्रोल का इस्तेमाल किया गया। जब महिला बस से उतरी तो पंफलेट के साथ उसने वह पॉलिथीन भी फेंका जिसमें पेट्रोल था। अंदर सीट व फाइबर की वजह से आग तेजी से भड़की।