सावन के पहले दिन ही काशी विश्वनाथ के दरबार में श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। निर्माण कार्य और पुलिस कंट्रोल रूम के ध्वस्तीकरण के कारण गेट नंबर चार बंद होने से श्रद्धालुओं को बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ा।
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काशी विश्वनाथ मंदिरः सावन के पहले दिन का नजारा
- फोटो : अमर उजाला
सावन के पहले दिन ही काशी विश्वनाथ के दरबार में श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। निर्माण कार्य और पुलिस कंट्रोल रूम के ध्वस्तीकरण के कारण गेट नंबर चार बंद होने से श्रद्धालुओं को बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ा। वहीं, वीआईपी और सुगम दर्शन का टिकट लेने वालों को गेट नंबर चार के बगल में शृंगार गौरी की तरफ से प्रवेश दिया गया।
रविवार को सावन के पहले दिन मंगला आरती के बाद से ही दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगनी शुरू हो गई थी। सुबह आठ से एक बजे तक गेट नंबर चार से दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं को भेजा गया। पुलिस कंट्रोल रूम के ध्वस्तीकरण के कारण रास्ते में मलबे का ढेर लग गया।
इसके बाद एक बजे से गेट नंबर चार से प्रवेश बंद कर दिया गया। मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि देर रात तक मलबा हटवा लिया जाएगा और रास्ता दुरुस्त हो जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं को पूर्व निर्धारित मार्ग से प्रवेश दिया जाएगा।
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वीआईपी और सुगम दर्शन वालों को शृंगार गौरी की तरफ से मिला प्रवेश
- फोटो : अमर उजाला
वीआईपी व सुगम दर्शन का टिकट लेने वालों को गेट नंबर चार के बगल वाले अद्धनिर्मित रास्ते से होते हुए शृंगार गौरी के पीछे से प्रवेश दिया गया। वहीं, आम श्रद्धालुओं को सुरक्षाकर्मियों ने गेट नंबर एक की तरफ भेज दिया गया।
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काशी विश्वनाथ मंदिरः सावन के पहले दिन का नजारा
- फोटो : अमर उजाला
गेट नंबर एक का रास्ता संकरा होने और एक साथ दो श्रद्धालुओं के प्रवेश होने के कारण गली से लेकर बांसफाटक तक आम श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई। गेट नंबर चार पर पहुंचने वाले आम श्रद्धालुओं को गेट नंबर एक पर भेजा गया। खबर लिखे जाने तक दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी।
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काशी विश्वनाथ मंदिरः सावन के पहले दिन का नजारा
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि सावन को देखते हुए विशेष तैयारी की गई है। मंदिर में गर्भगृह के पहले ही बाबा काशी विश्वनाथ का दर्शन एलईडी स्क्रीन पर श्रद्धालु कर सकेंगे। सभी रास्तों पर पेयजल की व्यवस्था भी होगी। स्टील की रेलिंग के बीच बिछे कारपेट से श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश करेंगे। आने वाले श्रद्धालुओं को काशी विश्वनाथ धाम का स्वरूप भी देखने को मिलेगा।
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काशी विश्वनाथ मंदिरः सावन के पहले दिन का नजारा
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रवेश के लिए एबीसीडी नाम से चार गेट बनाए गए हैं। श्रद्धालुओं को गेट नंबर चार छत्ताद्वार होते हुए मंदिर चौक भेजा जाएगा। श्रद्धालुओं को गेट-ए से प्रवेश करने के बाद गर्भगृह के पूर्वी प्रवेश द्वार पर जल चढ़ाने की व्यवस्था मिलेगी।
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काशी विश्वनाथ मंदिरः सावन के पहले दिन का नजारा
- फोटो : अमर उजाला
बांसफाटक से ढुंढिराज गली होकर आने वाले श्रद्धालु मंदिर परिसर के गेट-डी से प्रवेश पाएंगे और गर्भगृह के पश्चिमी द्वार से दर्शन व जलाभिषेक कर सकेंगे। सरस्वती फाटक की ओर से आने वाले श्रद्धालु गर्भगृह के दक्षिणी द्वार और वीआईपी, वीवीआईपी व सुगम दर्शन के टिकटधारी गेट-सी से प्रवेश कर गर्भगृह के उत्तरी द्वार से दर्शन करेंगे।
काशी विश्वनाथ मंदिरः सावन के पहले दिन का नजारा
- फोटो : अमर उजाला
इधर, सावन के पहले दिन मार्कंडेय महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। रविवार को गंगा-गोमती के संगम में डुबकी लगाकर बाबा को जलाभिषेक किया। सावन मेले के मद्देनजर मार्कंडेय महादेव मंदिर में जलाभिषेक करने की अनुमति जिला प्रशासन ने दी है। लेकिन कोई भी अनुष्ठान नहीं होगा। भीड़ के चलते सोशल डिस्टेंसिंग की व्यवस्था पहले दिन तार-तार रही।