फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कारगिल विजय दिवस : देश के प्रति दिखा प्रेम-बंधुत्व, लोगों ने बढ़ चढ़कर कर किया रक्तदान

Fri, 26 Jul 2019 09:29 PM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
1 of 11
वंदना के इन स्वरों में एक स्वर मेरा मिला लो, हों जहां बलि शीश अगणित, एक सिर मेरा मिला लो...। कुछ ऐसे ही पवित्र भाव और फख्र से लोग रक्तदान करने आए। युवा-नौजवानों की टोलियां आईं तो महिलाओं, कामकाजी लोगों के साथ वरिष्ठ नागरिक भी पहुंचे। कई ऐसे भी रहे जिनके लिए रक्तदान का यह पहला अवसर था। देश और देशवासियों के प्रति प्रेम-बंधुत्व की भावना का ही असर था कि अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित शिविर में हर वर्ग ने बढ़ चढ़कर रक्तदान किया। तस्वीरें देखें आगे की स्लाइड्स में... 
विज्ञापन

2 of 11
कारगिल विजय दिवस पर शुक्रवार को दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय में लगे रक्तदान शिविर में 30 लोगों ने रक्तदान कर जरूरतमंदों की जान बचाने का संकल्प लिया। अमर उजाला फाउंडेशन और रक्तमित्र परिवार के संयुक्त तत्वावधान में लगे शिविर में रक्तदान कर खुद जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने सभी का उत्साह बढ़ाया। कहा कि रक्तदान से हम किसी की जान बचा सकते हैं। यह महादान है और इसमें हर किसी को बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।
विज्ञापन

3 of 11
शुक्रवार को जिलाधिकारी ने स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का फीता काटकर उद्घाटन किया। उन्होंने सीएमओ को निर्देशित किया कि कुछ लोग मरीज को भर्ती कराते हैं लेकिन जब खून देने की बात आती है तो छोड़कर भाग जाते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें। वृक्षारोपण अभियान के तहत उन्होंने अस्पताल परिसर में पौधरोपण किया। 

4 of 11
इस दौरान रक्तमित्र परिवार के राकेश प्रसाद, अमित कुमार, कुंवर वीरेंद्र, अनिल रूपानी, हरि किशोर, जय मुखर्जी, पूजा थापा और अल्पना सिंह ने सहयोग किया। मौके पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीके शुक्ला, डॉ. रामकुमार, डॉ. अनूप कुमार, डॉ. बृजेंद्र कुमार सिंह, रमेश चंद्र राय, रवि कुमार पांडेय, प्रियंका पांडेय, प्रियंका गोस्वामी आदि मौजूद रहे। 
 
विज्ञापन

5 of 11
बजरडीहा निवासी प्रियंका अपनी मां के साथ दूसरी बार रक्तदान करने पहुंची थी। कहा कि देश के सैनिक हमारी रक्षा के लिए अपना सर्वस्व बलिदान करने में तनिक संकोच नहीं करते। उनकी याद में हम खून तो दे ही सकते हैं।
 
विज्ञापन

6 of 11
वीकेएम की प्रो. बीना सिंह और उनकी शिष्य निशा दोनों एक साथ बीएचयू में रक्तदान करने पहुंची थीं। रक्तदान करने के बाद दोनों ने कहा कि आज देश की सेवा में हमने में अपना योगदान दे दिया।
विज्ञापन

7 of 11
पहली बार रक्तदान करने आई मिस बनारस दिव्या यादव पहले घबरा रही थीं, लेकिन जब यहां लोगों को खुशी-खुशी रक्तदान करते देखा तो हौसला मिला और मैं भी रक्तदाता बन गई। 
 

8 of 11
देश की सेवा में हम युवा जितना योगदान कर सके वो कम है। रक्तदान के जरिए देश सेवा की जो सुखद अनुभूति हुई, वह बयां नहीं कर सकते। हमारी कोशिश होगी हम लोग हमेशा रक्तदान कर सकें।  

9 of 11
रक्तदान समाज सेवा ही नहीं राष्ट्र सेवा भी है, यह कहना था पहली बार रक्तदान करने वाली प्रियंका और डॉ. रोहतास का। इन दोनों ने पहली बार रक्तदान कर देश की सेवा में अपना योगदान किया।

10 of 11
अर्पणा सत्यम ने कहा कि शहीदों के सम्मान में रक्तदान कर एक अलग ही अनुभूति हुई। देश के लिए मरमिटने वालों के लिए हम जो कुछ भी कर सकें वो कम है।  
विज्ञापन

11 of 11
समीर ने कहा कि तीसरी बार रक्तदान कर अच्छा लगा। यह भी एक तरह की देश सेवा ही है। बार्डर पर लड़ते हुए घायल होने वाले जवानों को भी खून की जरूरत पड़ती रहती है, हो सकता है कि हमारा यह लहू उनके काम आ जाए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें