जौनपुर में एक युवक ने 8 दिसंबर की रात सिलबट्टे से हमला कर मां और बाप की हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी ने आरी से दोनों के टुकड़े किए। आरोपी ने मां और बाप के टुकड़े अलग-अलग नदी में फेंके। क्रूरतापूर्ण तरीके से की गई माता-पिता की हत्या की इस घटना से लोग सिहर उठे हैं।
जौनपुर के जफराबाद थाना क्षेत्र के अहमदपुर गांव निवासी अम्बेश कुमार प्यार, दबाव और गुस्से में अपने ही बुजुर्ग माता-पिता की निर्ममता से हत्या कर दी। अब तो लोग उसके नाम से नफरत करने लगे हैं। अम्बेश कुमार (37) अपने परिवार का इकलौता बेटा है। बीटेक करने के बाद कोलकाता में रहकर क्वालिटी इंजीनियर के पद पर काम करने लगा। उसे 25 हजार रुपये मिलते थे।
इस दौरान उसकी मुलाकात दूसरे संप्रदाय की सहजिया से हुई, जो कोलकाता में ब्यूटी पार्लर चलाती है। दोनों की नजदीकियां प्यार में बदल गई और उन्होंने लॉकडाउन में प्रेम विवाह कर लिया। दोनों से दो बच्चे भी हैं। इनमें बेटी चार साल तो बेटा डेढ़ साल का है। दूसरे धर्म में बेटे के प्रेम विवाह करने पर परिवार के लोग विरोध करने लगे थे।
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जौनपुर में बेटे ने की माता- पिता की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
वह सहजिया को बहू के रूप में स्वीकार नहीं करते थे। इसे लेकर कई बार विवाद भी हो चुका है। एएसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव के मुताबिक परिवार के लोग अम्बेश पर तलाक लेने का दबाव बना रहे थे। इसी दबाव में आकर वह भी तलाक देने को तैयार हो गया, लेकिन परिवार के लोग उसे पत्नी की ओर से किए जा रहे डिमांड के रुपये नहीं देने को तैयार थे।
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बेटे ने की मां-बाप की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे में परेशान हो गया था। बताते हैं कि वह अधिकतर समय कोलकाता में ही रहने लगा। परिवार से जुड़े लोगों के मुताबिक शादी के बाद अम्बेश का व्यवहार मां बबिता, पिता श्याम बहादुर और परिवार के प्रति पूरी तरह से बदल गया। वह जब भी घर आता तो रुपये और प्रापर्टी को लेकर माता-पिता से अक्सर झगड़ता।
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आरोपी अंबेश
- फोटो : अमर उजाला
नमाज भी पढ़ने लगा था अम्बेश
गांव के लोगों के मुताबिक बहनें कह रही थी वह नमाज भी पढ़ने लगा था । माता-पिता ननिहाल में मिली संपत्ति से भी बेदखल न कर दें, जिसे लेकर वह उनसे झगड़ता था। हालांकि हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।
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मृतकों की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
कोलकाता भागने की तैयारी में था अम्बेश
माता-पिता की हत्या करने के बाद आरोपी पुत्र अम्बेश कोलकाता भागने की तैयारी में था लेकिन बाद में पकड़ लिया गया। वह दो दिन जौनपुर और एक दिन वाराणसी में रहा। मृत दंपती मूल रूप से खरगसेनपुर का रहने वाले थे जो नवासे पर 40 साल पहले जफराबाद थाना क्षेत्र के अहमदपुर अपने ससुराल में रहने लगे।
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गोताखोर कर रहे शव की तलाश
- फोटो : अमर उजाला
माता-पिता की हत्या के बाद उनका इकलौता बेटा अम्बेश कुमार खरगसेनपुर भी भी गया था जहां माता-पिता के लापता होने की जानकारी दी थी। खुद माता-पिता के खोजबीन करने निकलने की बात कहीं। वह माता-पिता को खोजने का नाटक करता रहा। उधर, वाराणसी सिंधौरा थाना क्षेत्र के कटौना निवासी बहन वंदना ने 13 दिसंबर को जफराबाद थाने में माता-पिता और इकलौते भाई के गुमशुदगी की तहरीर दी।
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मां- बाप की हत्या का आरोपी अंबेश
- फोटो : अमर उजाला
खोजबीन में जुटी पुलिस को पता चला कि अम्बेश कुमार 12 दिसंबर को खरगसेनपुर गया था, इससे पुलिस का शक गहराने लगा। इधर, अम्बेश कुमार यह दिखाने में लगा था कि वह अपने माता-पिता की खोज में परेशान हैं, ताकि किसी को शक न हो और कुछ दिन बाद वह धीरे से कोलकाता के लिए निकल जाता। लेकिन, पुलिस ने जब उसे बरामद किया तो दंपती के हत्याकांड की पूरी कहानी सामने आ गई, जिसे सुनकर हर कोई सन्न रह गया।
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घर पर छानबीन करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
युवक ने की मां-बाप की हत्या
जौनपुर जिले के जफराबाद थाना क्षेत्र के अहमदपुर गांव निवासी अम्बेश कुमार (37) ने 8 दिसंबर की रात सिलबट्टे से हमला कर अपनी मां बबिता (60) और पिता श्यामलाल (62) की हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने माता-पिता के शरीर को आरी से तीन-तीन टुकड़ों में काटा। पुलिस की पूछताछ में आरोपी अम्बेश कुमार ने बताया कि आरी से काटने के दौरान माता-पिता चीख रहे थे।
इकलौते बेटे ने की मां-बाप की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
अपनी ही आंखों के सामने मां बबिता को आरी से काटते हुए देख पिता श्यामलाल चीख रहे थे। इस पर पिता के गले को रस्सी से बांध दिया। इससे उनकी सांसें थम गई थीं। फिर शवों के टुकड़ों को प्लास्टिक की छह बोरियों में भर कर सई और गोमती नदी में अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया। क्रूरतापूर्ण तरीके से की गई माता-पिता की हत्या की इस घटना से लोग सिहर उठे हैं।