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देश की पहली बिना इंजन वाली ट्रेन के इंटीरियर से नहीं हटेगी नजर, वाराणसी से दिल्ली चलेगी

Fri, 21 Dec 2018 01:09 PM IST
utpal utpal न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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T 18 - फोटो : twitter
देश की पहली बिना इंजन वाली ट्रेन टी-18 को वाराणसी से दिल्ली के बीच चलाने की तैयारी है। दिल्ली स्थित रेल भवन के गलियारों में इसे 25 दिसंबर को चलाए जाने की चर्चा है। 180 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम ट्रेन टी-18 का इंटीरियर लाजवाब है। इस ट्रेन का हाल ही में सफल ट्रायल हो चुका है।  वाराणसी-नई दिल्ली के बीच चलाई जाने वाली टी-18 की रफ्तार को लेकर शंका है। इसके कई कारण हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें..
 
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T 18 - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी-नई दिल्ली के बीच चलाई जाने वाली टी-18 की रफ्तार राजधानी एक्सप्रेस से थोड़ी ही तेज होगी। ट्रैक की क्षमता और संभावित टाइम टेबल देखा जाए तो टी-18 वाराणसी से नई दिल्ली के बीच 100 से 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी। हालांकि, ट्रेन के संचालन को लेकर केवल चर्चा ही है, अभी तक आधिकारिक टाइम टेबल जारी नहीं किया गया है।

 
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T 18 - फोटो : twitter
आधिकारिक सूत्रों की मानें तो सुबह छह बजे नई दिल्ली से यह ट्रेन चलेगी और दोपहर बाद दो बजे वाराणसी पहुंचेगी। आधे घंटे बाद 2:30 बजे यह वाराणसी से रवाना होगी और रात साढ़े आठ बजे तक नई दिल्ली पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। रेल भवन के गलियारों में इसे 25 दिसंबर को चलाए जाने की चर्चा है। 
 

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T 18 - फोटो : अमर उजाला
हालांकि यह संभव नहीं दिख रहा है। अभी तक मंडल मुख्यालय को ट्रेन संचालन से जुड़ी कोई जानकारी साझा नहीं की गई है। न ही ट्रेन संचालन को लेकर कोई निर्देश दिए गए हैं। इतना ही नहीं इसे वाया इलाहाबाद या वाया लखनऊ चलाया जाएगा, यह भी तय नहीं है। दूसरी तरफ मंडुवाडीह में यार्ड रिमॉडलिंग के चलते कई ट्रेनें कैंट रेलवे स्टेशन से चलाई जानी हैं। ऐसे में टी-18 का संचालन 25 या 29 दिसंबर को कर पाना और भी मुश्किल होगा। 

 
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T 18 - फोटो : twitter
वाराणसी से वाया इलाहाबाद नई दिल्ली की दूरी 755 किलोमीटर है, जबकि वाया लखनऊ यह दूरी 792 किलोमीटर है। सूत्रों के अनुसार, ट्रेन इस दूरी को मात्र आठ घंटे में ही तय कर लेगी। उत्तर रेलवे के एडीआरएम रवि प्रकाश चतुर्वेदी का कहना है कि ट्रेन के संचालन को लेकर अभी तक हमारे पास कोई जानकारी नहीं आई है। मुख्यालय का निर्देश मिलने पर आवश्यक तैयारी की जाएगी।

 
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T 18 - फोटो : अमर उजाला
साल 2018 में बनने के कारण इसे टी-18 नाम दिया गया है। भारतीय रेलवे का यह पहला ऐसा ट्रेन सेट है, जो मेट्रो की तरह का ही है। इसमें इंजन अलग नहीं है बल्कि ट्रेन के पहले और अंतिम कोच में ही इसके चलाने का बंदोबस्त है। इसके कोच स्टेनलेस स्टील के होने की वजह से हल्के हैं। इस ट्रेन सेट में कई फीचर जोड़े गए हैं, जिनमें वाईफाई, एलईडी लाइट, पैसेंजर इन्फॉर्मेशन सिस्टम आदि भी शामिल है। 

 
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T 18 - फोटो : twitter
ये हैं मुश्किलें
- 130 या उससे तेज गति के लिए ट्रैक तैयार नहीं है। रेलवे क्रासिंग भी बड़ी बाधा है।
- इंसान और पशुओं की आसान पहुंच वाले रेल ट्रैक पर हाई स्पीड ट्रेन चलाने से हादसे की आशंका बनी रहेगी।
- ट्रेन संचालन के दौरान अन्य ट्रेनों के संचालन, प्रबंधन और पासिंग आदि में दिक्कत आ सकती है। 
 
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