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Holi : चित्रों में देखें बाबा व गौरा का गौना..., पहली बार काशी की गलियां छोड़ पहुंचे धाम; गूंजा- हर हर महादेव

Tue, 11 Mar 2025 03:49 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

रंगभरी एकादशी में पर बाबा विश्वनाथ धाम में धार्मिक आयोजन हुए। इसमें भक्तों का जुटान हुआ। भक्ति गीतों पर लोग झूमते नजर आएं। इसी के साथ काशी में रंगोत्सव की शुरुआत हो गई।
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बाबा विश्वनाथ और मां गाैरा का विधि-विधान से हुआ गाैना। - फोटो : अमर उजाला
Ragbhari Ekadashi: रंगभरी एकादशी पर बाबा विश्वनाथ ने गौरा का गौना कराकर धाम पहुंचे। यह पहला मौका था जब श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी के आवास से बाबा विश्वनाथ की पंचबदन रजत प्रतिमा कपड़े से ढंककर निकाली गई और बनारस की गलियों के बजाय बाबा ने धाम में सपरिवार भ्रमण किया। 
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चादर से ढक कर बाबा की प्रतिमा ले जाते भक्त। - फोटो : अमर उजाला
मंगला आरती से गुलाल चढ़ाने का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह शयन आरती तक चलता रहा। काशी की जनता ने बाबा को गुलाल अर्पित कर होली खेलने की अनुमति मांगी और इसी के साथ होली का उत्सव शुरू हो गया। रंगभरी एकादशी पर धाम से लेकर गर्भगृह तक गुलाल की चादर सी बिछ गई थी। मंदिर प्रांगण हर-हर महादेव... के जयकारे से गुंजायमान होता रहा।
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काशी विश्वनाथ् धाम में माैजूद भक्तों का हुजूम। - फोटो : अमर उजाला
सोमवार को काशी के लोक उत्सव रंगभरी एकादशी की शुरुआत बाबा की मंगला आरती के साथ हुई। मंदिर न्यास की ओर से गौना की परंपरा का निर्वहन करते हुए श्री काशी विश्वनाथ महादेव और मां गौरा का शास्त्रोक्त विधि से पूजन और अनुष्ठान किया गया।

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काशी विश्वनाथ धाम में नाचते भक्त। - फोटो : अमर उजाला
फूलों से सुसज्जित रजत पालकी पर विराजमान श्री काशी विश्वनाथ और मां गौरा की चल रजत प्रतिमा की शोभायात्रा में शामिल होकर भक्तगण धन्य हो गए। गोधूलि बेला में मंदिर चौक से डमरू के गगनभेदी नाद और शंख की मंगल ध्वनि के बीच अर्चन करते हुए श्री विश्वेश्वर महादेव और मां गौरा की पालकी यात्रा आरंभ हुई। 
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डमरूओं की थाप पर गूंजा हर-हर महादेव। - फोटो : अमर उजाला
मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्र, डिप्टी कलेक्टर शंभू शरण और अन्य अधिकारियों ने परंपरागत पोशाक में पालकी को कंधे पर उठाकर धाम का भ्रमण कराया।
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बाबा विश्वनाथ और मां गाैरा का किया गया पूजन। - फोटो : अमर उजाला
पालकी पर विराजमान श्री विश्वेश्वर महादेव एवं मां गौरा की प्रतिमा की आभा श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर रही थी। पालकी यात्रा में हर भक्त इस पल को अपने हृदय में बसा रहा था। हर-हर महादेव... और बम बम भोले... के जयघोष के बीच शोभायात्रा आगे बढ़ती रही।
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काशी विश्वनाथ धाम में खूब उड़े अबीर-गुलाल। - फोटो : अमर उजाला
अबीर-गुलाल और फूलों की पंखुड़ियां की बारिश के साथ देवाधिदेव महादेव और मां गौरा की पालकी शोभायात्रा मंदिर प्रांगण से होते हुए श्री काशी विश्वनाथ महादेव के गर्भगृह पहुंची। शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं में पालकी को स्पर्श करने की आतुरता थी। गर्भगृह में शोभायात्रा पहुंचने पर विधिविधान से श्री काशी विश्वनाथ एवं मां गौरा की चल रजत प्रतिमा का पूजन अर्चन किया गया।
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मंदिर चौक पर श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

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रंगभरी एकादशी में विधि-विधान से संपन्न हुआ आयोजन। - फोटो : अमर उजाला
सुबह से ही रंगभरी एकादशी के अनुष्ठान शुरू कर दिए गए थे। मंदिर न्यास की ओर से महादेव और मां गौरा को वस्त्र, चंदन, भस्म, पुष्प, अबीर-गुलाल, भोग, मेवा मिष्ठान अर्पित किए गए। पूजन के बाद रजत पालकी पर श्री काशी विश्वनाथ महादेव और मां गौरा को मंदिर चौक लाया गया। मंदिर चौक पर महादेव और मां गौरा की चल रजत प्रतिमा के दर्शन करने के साथ ही भक्त फूलों की पंखुड़ियां, अबीर-गुलाल अर्पित कर रहे थे।
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