अखंड सुहाग की कामना का पर्व हरतालिका तीज 12 सितंबर को है। तीज के त्योहार को लेकर सुहागिनें कई दिनों से तैयारियों में जुटी हैं। वो साड़ियां, चूड़ियों और शृंगार के अन्य समान की खरीदारी में व्यस्त हैं। वाराणसी के बाजारों में भी तीज को लेकर विशेष चहल पहल है। महिलाओं का मायके आने-जाने का सिलसिला शुरू हो चुका है। दूसरी तरफ शहर के कपड़ा, ज्वेलरी, शृंगार सामग्री और पूजा दुकानों में शाम को महिलाओं की भीड़ देखते ही बन रही है। लोग बहन, बेटियों के लिए आकर्षक उपहार खरीद रहे हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
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- फोटो : amar ujala
तीज के दिन सुहागिनें निर्जला उपवास रखकर सोलह शृंगार करके पति के सौभाग्य और दीर्घायु के लिए भगवान शंकर और मां पार्वती की पूजा करेंगी। इस दौरान गुझिया, ठेकुआ आदि पकवानों के साथ कई किस्म के फल भी शिव परिवार को चढ़ाए जाएंगे। सुहागिनें कथा सुनेंगी और रतजगा कर शिव पार्वती के गीत गाएंगी। शहर के अनेक बाजारों संग मॉल्स में भी इस पारंपरिक त्योहार के लिए तैयारियां जोरों पर है। सोमवार को फल व शृंगार की वस्तुओं, बांस की डलिया आदि की खरीदारी करती महिलाएं नजर आई। चेतगंज, लंका, सिगरा, मलदहिया, लहरतारा, गोदौलिया, लक्सा, रोड पर लगे अस्थाई स्टालों पर महिलाओं की भीड़ रही।
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तीज को लेकर दुकानों में विशेष चूड़ियां उतारी गई हैं। दुकान की संचालिका अनिता ने बताया कि युवतियां ज्यादातर पोशाक के अनुरूप ही चूड़ियों का सेट बनवाती हैं। अनिता के मुताबिक इन सेट में परिधान के रंग को प्रमुखता से लिया जाता है। बाजार में इस दौरान नई स्टाक की चूड़ियां 450 रुपये से लेकर 2500 रुपये व उससे भी अधिक तक कीमत की मिल रही हैं।
तीज को लेकर मेहंदी के रंग महिलाओं और युवतियों के हाथों पर चढ़ने लगे हैं। सुहागिनें ही नहीं अविवाहित युवतियां भी इस खास मौके पर मेहंदी लगवाती है। यही वजह है कि इस समय बाजारों में मेहंदी लगाने वालों के यहां सबसे ज्यादा भीड़ है। शहर के तमाम छोटे-बड़े कपड़ों की दुकानों, मॉल्स के साथ कई मेहंदी की दुकानों पर महिलाओं की खासा भीड़ दिख रही हैं।