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बारात से अचानक गायब हुआ दूल्हा, मंडप में इंतजार करती रही दुल्हन, नहीं पहुंचा तो इससे करा दी शादी

Tue, 20 Nov 2018 03:23 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,आजमगढ़
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घर में शादी की धूमधाम से तैयारी होने के बाद रिश्तेदार और परिजन बारात लेकर जा रहे थे। रास्ते में दूल्हे के अचानक गायब होने से अफरा-तफरी का माहौल हो गया। आखिरकार बारात बिना दूल्हे के वधु पक्ष के यहां पहुंची। ये वो शादी थी जहां शादी से पहले लड़का और लड़की कर कोर्ट मैरिज चुके थे। बिना दूल्हे के बारात आने से लोगों में तरह-तरह की चर्चा चलने लगी। आगे की स्लाइड्स में देखें..
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varanasi - फोटो : अमर उजाला
अनोखी शादी का ये मामला यूपी के आजमगढ़ जिले का है। रानी की सराय थाना क्षेत्र के चकसेठवल गांव बिना दूल्हे की बारात लेकर बाराती दुल्हन के दरवाजे पर पहुंच गए। द्वाराचार की रस्म के पहले बाराती डीजे की धुन पर नाच गा रहे थे। घरातियों ने जब दूल्हे के बारे में पूछा तो किसी के पास कोई जवाब नहीं था।

 
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varanasi - फोटो : अमर उजाला
 दूल्हे के नहीं आने पर घरातियों ने बारातियों को बंधक बना लिया। ज्यादातर बाराती पहले ही फरार हो चुके थे। सोमवार को घंटों चली पंचायत के बाद दूल्हे के भांजे से शादी कराई गई। शादी होने के बाद बारातियों को मुक्त किया गया और वे दुल्हन को विदा कराकर ले गए। 



 

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varanasi - फोटो : अमर उजाला
चकसेठवल गांव निवासी स्व. अशोक की पुत्री बबिता की शादी अहरौला थाना क्षेत्र के भकुही गांव निवासी रामवृक्ष पुत्र रामफल के साथ तय हुई थी। शादी से पहले ही रामवृक्ष और बबिता कोर्ट मैरिज भी कर चुके थे। रविवार को रामवृक्ष के घर वाले बारात लेकर बबिता के घर पहुंच गए लेकिन रामवृक्ष नहीं पहुंचा। वह दिल्ली में काम करता है और उसने फोन से बबिता को आश्वासन देता रहा कि वह सीधे शादी में ही पहुंचेगा। 
 
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child marriage

उधर बबिता के घर पहुंचे बाराती डीजे की धुन पर खूब थिरक रहे थे। घराती लोगों ने पहले बारातियों का खूब स्वागत किया। देर रात तक दूल्हा जब नहीं पहुंचा तो घरातियों का सब्र टूट गया। लोग आक्रोशित होकर रामवृक्ष और उसके रिश्तेदारों को खोजने लगे। घरातियों के गुस्से को देखते हुए ज्यादातर बाराती पहले ही खिसक लिए। 
 
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marriage

 बचे हुए लोगों को घरातियों ने बंधक बना लिया। पूरी रात बाराती बंधक बने रहे। सोमवार को घंटों चली पंचायत में तय हुआ कि अब शादी रामवृक्ष से नहीं उसके भांजे रविंदर पुत्र रूदल से होगी। इस फैसले पर सभी लोग राजी हो गए और दोपहर को रविंदर और बबिता की शादी संपन्न हुई। इसके बाद बंधक बने लोग बबिता को अपने साथ लेकर घर चले गए। इस शादी की पूरे गांव में चर्चा है। 
 
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