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अरे गजब! अर्थी पर बैठ कटोरा लेकर वोट मांग रहा यह प्रत्याशी

Thu, 23 Feb 2017 11:38 AM IST
टीम डिजिटल,वाराणसी/आजमगढ़
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कटोरा लेकर वोट मांग रहा यह प्रत्याशी - फोटो : अमर उजाला
पूरे पूर्वांचल में चुनावी रंग चटख हो चुका है। यहां छठे और सातवें चरण में होने वाले चुनाव के लिए चुनावी प्रचार तूफानी रुप ले चुका है। प्रमुख दलों के स्टार प्रचारक रैली पर रैली कर रहे हैं। प्रत्याशी भी प्रचार के लिए हर हथकंडे अपना रहा है। एक ऐसे ही प्रत्याशी आजमगढ़ जिले में हैं जो अपनी प्रचार को लेकर चर्चा में हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें फोटो...
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कटोरा लेकर वोट मांग रहा यह प्रत्याशी - फोटो : अमर उजाला

विधानसभा चुनाव 2017 में नामांकन से लेकर अबतक गजब-गजब के प्रत्याशी देखने को मिले हैं। इसमें एक खास नाम आजमगढ़ से भी जुड़ा है। यहां के सगड़ी विधानसभा क्षेत्र का एक प्रत्याशी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।  अर्थी पर कफन लपेट कर बैठा और गले में रोटी की माला डाले यह प्रत्याशी अपने लिए लोगों से वोट मांग रहा है। 
 
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कटोरा लेकर वोट मांग रहा यह प्रत्याशी - फोटो : अमर उजाला
इस गजब के प्रत्याशी का नाम गोपाल निषाद है। ये सगड़ी विधानसभा क्षेत्र से घोषित पूर्व भाजपा प्रत्याशी हैं।  ऐन मौके पर इनका नाम काटकर देवेंद्र सिंह को टिकट दे दिया गया। इस बात से नाराज गोपाल निषाद ने निर्दल नामांकन किया है। वह अर्थी पर बैठ  जनता से वोट के साथ एक दस का नोट भी मांगते हैं। 
 

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गोपाल निषाद - फोटो : अमर उजाला
इस बाबत पूछने पर गोपाल निषाद कहते हैं कि भाजपा ने मेरे साथ धोखा किया है। सगड़ी से बसपा प्रत्याशी वंदना सिंह को जीत दिलाने के लिए उनके टिकट को काटा गया है। लेकिन अब वह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं। वह जनता से एक वोट और 10 की नोट मांगकर चुनाव लड़ेंगे।
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गोपाल निषाद - फोटो : अमर उजाला
 फूलन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष का कहना है कि हमको हमारे ही बिरादरी के करीब 30 से 35000 लोग हाथों हाथ लिए हुए हैं । और वह चुनाव जिताने का काम करेंगे। गरीब लोग और पिछड़े मजदूर किसान हमारे साथ हैं। हम अर्थी पर बैठकर गांव गॉव घूम रहे हैं ,कफन  ओढ़े हुए हैं, कफन लेकरके जनता के बीच में जा रहे हैं ।
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गोपाल निषाद - फोटो : अमर उजाला
सगड़ी विधानसभा में हम जिंदा रहते हुए कच्चे बॉस के अर्थी  पर बैठ कर के लोगों के बीच चल रहे हैं। कफ़न ओढ़े हुए हैं लोग देखकर के सोच रहे है कि क्या कारण  था कि गोपाल निषाद को टिकट नहीं दिया गया। इसका बदला जनता भाजपा से इस चुनाव में लेगी।
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गोपाल निषाद - फोटो : अमर उजाला

गोपाल निषाद ने वकालत करते हुए राजनीति में प्रवेश किया। वो मूल रूप से बरहज देवरिया के रहने वाले तथा अस्थाई रुप से पकड़ी घोसी मऊ में निवास कर रहे हैं। उन्होंने  2005 में कांग्रेस पार्टी से राजनीति की शुरुआत की।  2005 में मऊ विधानसभा से कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी रहे। गोपाल निषाद ने करीब 1990 से 1995 तक संघ का प्रचारक भी रह चुके हैं।
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