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Girija Devi: विश्वमोहन भट्ट की वीणा ने घाटों को सुनाई विश्वरंजिनी, मालिनी की अप्पाजी को प्रणामी; दी स्वरांजलि

Sat, 09 May 2026 11:08 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: ख्यात वीणा वादक पद्मभूषण पं. विश्व मोहन भट्ट और पं सलिल भट्ट के साथ प्रख्यात ज्योतिषाचार्य प्रो. चंद्रमौली उपाध्याय और उद्यमी अशोक गुप्ता और पं धर्मनाथ मिश्रा आदि ने कार्यक्रम  की शुरुआत की।
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गायन प्रस्तुत करतीं मालिनी अवस्थी और सुचेता गांगुली। - फोटो : संवाद
Girija Devi: सूरज ढलते ही गुरु गिरिजा की याद में गंगा से मालिनी के सुरों की गूंज उठी। चलते क्रूज पर ठुमरी की रानी गिरिजा देवी अप्पा जी की शिष्याओं ने शास्त्रीय बंदिशें गाकर अपने गुरु का का 97वां जयंती महोत्सव मनाया। शुक्रवार की शाम उनकी प्रिय शिष्या मालिनी अवस्थी और उनके सभी गुरु भाई-बहनों ने सोनचिरैया संस्था के साथ सांझ प्रणामी कार्यक्रम कर उनके मनपसंद सदाबहार गीतों को सुनाया। 
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कार्यक्रम का शुभारंभ करते अतिथि। - फोटो : संवाद
मालिनी अवस्थी ने स्वर लगाकर गुरु की यशकाया को प्रणामी दी। फिर उनका प्रिय दादरा तोहे लेके सांवरिया निकल चलबै गाया तो क्रूज के दर्शक गिरिजा देवी और गंगा की गंगा शास्त्रीय मिश्रित लोक गीतों की धारा में बहने लगे। पहली प्रस्तुति विलंबित तीनताल में निबद्ध स्वर रचना और इसके बाद द्रुत तीनताल में निबद्ध स्वर रचना बजा कर दोनों कलाकारों ने सभी को विभोर कर दिया। 
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विश्वमोहन भट्ट ने बांधा समां। - फोटो : संवाद
राग मांड में निबद्ध रचना से समापन कर दिया मगर श्रोताओं और मंचस्थ कलाकारों के अनुरोध पर दोबारा मालिनी अवस्थी ने केसरिया बालम पधारो म्हारे देश गाकर दर्शकों को रस सिक्त किया। गायन में रोहित मिश्र ने साथ दिया। 

पद्मभूषण से सम्मानित पं विश्वमोहन भट्ट की मोहन वीणा और उनके बेटे व शिष्य सलिल भट्ट की सात्विक वीणा के सुमेल ने लोगों को बांधे रखा। इस वादन युगलबंदी का श्रीगणेश पंडित विश्व मोहन भट्ट के रचित राग विश्वरंजनी की प्रस्तुति से हुआ। तबला पर संगत अभिषेक मिश्र की रही। - डॉ. प्रतीश आचार्य ने अमर उजाला को ये इनपुट देने में सहयोग किया। 

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गायन-वादन ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध। - फोटो : संवाद
बंगाल की महिलाओं ने की चुनाव की अगुवाई : मालिनी
काशी आईं मालिनी अवस्थी ने कहा कि बंगाल में बीजेपी ने महिलाओं को टिकट देकर शक्ति दी है। जनता ने दिखा दिया है कि जनता एक समय के बाद अत्याचार नहीं सहती। अब बंगाल मुख्यधारा में आएगा। पूरे चुनाव में महिलाओं ने बदलाव के लिए अगुवाई की जबकि वहां की सीएम खुद महिला थीं। लेकिन इस बार बंगाल में महिला शक्ति ने अपने राष्ट्र स्वाभिमान की बात उठाई है। 
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सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को सुनते दर्शक। - फोटो : संवाद
मीडियाकर्मियों से बातचीत में मालिनी अवस्थी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणाम ने यूपी में फिर से संदेश दे दिया है। लोगों में उत्सुकता आ गई है। नारी वंदन अधिनियम को लेकर कहा कि हमने संसद में पक्ष और विपक्ष को सुनने का मौका मिला। बंगाल में बीजेपी ने महिलाओं को टिकट देकर शक्ति दी है। 
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मालिनी अवस्थी और विश्वमोहन भट्ट ने बांधा समां। - फोटो : संवाद
24 परगना में घरेलू महिला का जीतकर आना दिखाता है कि हर वर्ग की स्त्री को अधिकार मिल रहा है। जब ग्राम प्रधान स्त्री बन सकती है तो विधायक और सांसद बिना आरक्षण के ही बने। उत्तर प्रदेश में बहुत बड़ी संख्या में समर्थ महिलाएं हैं जो राजनीतिक अधिकार लेकर आएंगी। आगे कहा कि स्वामी विवेकानंद, बंकिम चंद्र चटर्जी, सुभाषचंद्र बोस सब भारत के हैं केवल बंगाल के नहीं हैं। 
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कलाकारों ने एक से बढ़कर सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। - फोटो : संवाद
राग पूरिया में पायलिया झंकार मोरी.... 
गिरिजा देवी की शिष्या सुचेता गांगुली ने राग पूरिया धनाश्री में तीन ताल में निबद्ध बंदिश पायलिया झनकार मोरी... गाया। इसके बाद गिरिजा देवी की प्रिय ठुमरी ‘देखे बिना नाही चैन’ और दादरा ‘श्याम तोहे नजरिया लग जाएगी’ सुनाया। तबले पर अभिषेक मिश्रा और संवादिनी पर पं धर्मनाथ मिश्र ने संगत किया। 

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