मालिनी अवस्थी और विश्वमोहन भट्ट ने बांधा समां।
- फोटो : संवाद
24 परगना में घरेलू महिला का जीतकर आना दिखाता है कि हर वर्ग की स्त्री को अधिकार मिल रहा है। जब ग्राम प्रधान स्त्री बन सकती है तो विधायक और सांसद बिना आरक्षण के ही बने। उत्तर प्रदेश में बहुत बड़ी संख्या में समर्थ महिलाएं हैं जो राजनीतिक अधिकार लेकर आएंगी। आगे कहा कि स्वामी विवेकानंद, बंकिम चंद्र चटर्जी, सुभाषचंद्र बोस सब भारत के हैं केवल बंगाल के नहीं हैं।