कलियुग के प्रमुख देवता विघ्न विनायक गणेश की नौ दिवसीय आराधना में गुरुवार को काशी लीन हो गई। भव्य पंडालों में गणपति के विविध स्वरूपों की प्रतिमाओं की वेद मंत्रोच्चार के साथ प्राण-प्रतिष्ठा की गई। लाल बाग के राजा की प्रतिमा आसभैरो में विराजित कराई गई तो सोनारपुरा के चिंतामणि गणेश मंदिर परिसर में विद्यार्थी गणेश की। फूलों, रंग-बिरंगी लतरों, हरी पत्तियों से सुसज्जित पंडालों में गणपति की प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद झांकियों के पट खुलते ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
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- फोटो : अमर उजाला
सिद्धि विनायक, दूध विनायक, दूर्वा विनायक के अलावा जोड़ा गणेश, बड़ा गणेश के दरबार सज गए। पांडेयपुर नई बस्ती, सुंदरपुर के अगिया-जोगियाबीर मंदिर के पास पंडालों में गणपति प्रतिमाओं के दर्शन के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इसी के साथ पंडालों में वाद-विवाद और रंगोली प्रतियोगिताएं भी आरंभ हो गईं।
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श्रीकाशी विश्वनाथ नवदश गणपति महोत्सव मछोदरी की ओर से काशी विद्या मंदिर परिसर में सुबह 10 बजे गणेश प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की गई। महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा की मौजूदगी में शाम छह बजे सात दिवसीय सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत हुई।
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श्रीकाशी मराठा गणेश उत्सव समिति की ओर से आस भैरो स्थित अग्रवाल भवन में मुंबई के लाल बाग के राजा की अनुकृति वाली प्रतिमा प्रतिष्ठापित की गई। मोदक अर्पण और महाआरती के साथ यहां पांच दिवसीय गणेशोत्सव आरंभ हुआ। दुर्गाघाट स्थित नाना फड़नवीस के बाड़े में नूतन बालक गणेशोत्सव की ओर से गणेश प्रतिमा की प्रतिष्ठापना की गई।
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गढ़वासी टोला स्थित सिद्धिविनायक मंदिर में पांच दिनी गणेशोत्सव की धूम मच गई। वहां सहस्त्र पाठ से कार्यक्रम शुरू हुआ। मानसरोवर घाट स्थित राम तारक आंध्रा आश्रम के अलावा रामघाट के सांगवेद विद्यालय, अगस्त्यकुंडा के शारदा भवन में प्रतिमाओं की प्रतिष्ठापना की गई। पियारिया पोखरी स्थित न्यू गणपति स्पोर्टिंग क्लब, अगिया-जोगियाबीर स्पोर्टिंग क्लब सुंदरपुर के अलावा पांडेयपुर, नईबस्ती में भव्य पंडालों में गणपति की नयनाभिराम प्रतिमाओं की झांकियां सजाई गई हैं।
लोक मान्य सार्वजनिक श्रीगणेशोत्सव की ओर से प्रतिमा की जगह कलश स्थापन किया गया। सुधाकर महिला इंटर कॉलेज के सभागार में डॉ. अनामिका दीक्षित, सुजाता के निर्णायकत्व में पांच वर्गों में वंदे मातरम गायन स्पर्धा हुई। इसमें छह महाविद्यालयों के साथ 27 विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। प्रथम पुरस्कार वनिता पब्लिक स्कूल के बालक-बालिकाओं को मिला।