माैके पर छानबीन करती टीम।
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झोपड़ी में रहने वाले कासिम सेख, मुराद, बुद्धू सेख, जमाल, सेखू, सुक्खू सेख, हाबू, कउनरा सेख और फिरोज समेत अन्य लोगों ने बताया कि वे किशून और विशून यादव की खाली जमीन पर झोपड़ी बनाकर कबाड़ बीनने का काम करते हैं। इनमें से कई परिवार पश्चिम बंगाल के निवासी हैं।