BHU Foundation Day: बीएचयू में शिक्षा संकाय की झांकी काफी अनुशासित रही। सभी कतार में ही चलते रहे। इन्होंने पूरब के ज्ञान की गंगा और पश्चिम के विकास के साथ मिलकर शिक्षा संगम बनाने की बात की।
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बीएचयू के स्थापना दिवस पर निकली आकर्षक झांकी।
- फोटो : संवाद (रोहित सोनकर)
Varanasi News: सीएचएस की छात्राओं ने झांकी का श्रीगणेश सरस्वती वंदना से किया। सबसे ज्यादा तालियां शारीरिक शिक्षा विभाग पर बजी। खेल-खेल में ज्ञान, संस्कृति के संग की थीम के साथ 15 फीट चौड़ी सड़क पर ही जुंबा डांस, पिरामिड, हॉकी, क्रिकेट, बास्केटबॉल खेला। खिलाड़ियों ने सेकंड भर में ही 10-12 फीट ऊंचे तीन पिरामिड बना दिए। वहीं, विश्वविद्यालय पर्वतारोहण केंद्र की छात्राओं ने पहाड़ी गीतों पर नृत्य से और छात्रों ने स्टंट से लोगों को हैरान किया।
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समारोह में छात्राओं ने दिखाएं करतब।
- फोटो : संवाद
सेंट्रल हिंदू बॉयज स्कूल ने लोक नृत्य किया और झांकी में अंतरिक्ष यात्री, रोबोट के साथ गांधी, स्वदेश दर्शन और महिला व पुरुष विश्व विजेता क्रिकेट टीम की उपलब्धियों को दिखाया। रणवीर संस्कृत विद्यालय के बच्चों ने वेदपाठ के साथ-साथ महिला शिक्षा की जरूरत को बताया।
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भारतीय संस्कृति की दिखी झलक।
- फोटो : संवाद
एमएमवी ने अपाला, गार्गी, मैत्रेयी जैसी विदुषियों के भावों के साथ नुक्कड़ नाटक का मंचन किया। कला संकाय की झांकी सबसे बड़ी रही। इसमें छात्रों ने विवेकानंद की परिकल्पना का भारत तथा महामना की दूरदृष्टि को मिला दिया। सामाजिक विज्ञान संकाय की झांकी में भाप इंजन से बुलेट ट्रेन तक के सफर को साफगोई से पेश किया।
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नृत्य ने मोहा जन मन।
- फोटो : संवाद
हाइड्रोजन वाहन और टेंपो भी चले: विज्ञान संस्थान की झांकी ने प्राचीन जड़ों में नवीन सोच की अवधारणा बताई। आईआईटी ने हाइड्रोजन टेंपो व वाहन, नवाचार और ड्रोन के कारनामे दिखाए। प्रबंधन अध्ययन संस्थान ने चाणक्य को मैनेजमेंट शिक्षा का सबसे बड़ा निर्माता बताया।
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स्वामी विवेकानंद के नाटक का भावपूर्ण मंचन।
- फोटो : संवाद
वाणिज्य संकाय ने विखंडन के स्थान पर समग्रता और पहचान की निरंतरता की बात की। राजीव गांधी दक्षिणी परिसर ने गंगा की धारा और विंध्य की पहाड़ियों को दिखाकर मेन और साउथ कैंपस की खाई को पाटने की बात की। उद्यान इकाई ने अपनी झांकी में हाथी से ब्रह्मोस मिसाइल तक के सफर को फूलों से सजाकर प्रस्तुत किया।
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संघ कार्यकर्ताओं ने निकाला पैदल मार्च।
- फोटो : संवाद
केमिकल से 2 फीट तक लॉन्च हुआ रॉकेट आईआईटी के ड्रोन ने झांकी में बरसाए फूल
बीएचयू के 111वें स्थापना दिवस पर साढ़े चार किलोमीटर लंबी झांकी प्रदर्शनी निकली। वैदिक विज्ञान केंद्र के शोधार्थी ऋषि-मुनि बन अपने शिष्यों को वैदिक जल शोधन, गुरुत्वाकर्षण के नियम, वैदिक गणित और ऋषि अगस्त्य के बैटरी विद्युत का सिद्धांत सिखाते दिखे। विज्ञान की झांकी में अब्दुल कलाम साइकिल से रॉकेट ढोते दिखे, तो बगल में ही रसायनों के इस्तेमाल से छात्र पीएसएलवी रॉकेट और सैटेलाइट लॉन्च कराते रहे। यह रॉकेट अपने तल से दो फीट तक ऊपर उठा और धुएं का गुब्बार उड़ता दिखा।
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महामना के वेश में निकले छात्र ने किया आकर्षित।
- फोटो : संवाद
मैनेजमेंट के छात्र ने केमिकल का ऐसा प्रयोग किया कि पेट्रोल बम जैसी आवाज हुई और चारों ओर फॉग फैल गया। ट्रकों पर रखे उपकरणों, चिमनियों और नलियों से लगातार सफेद धुआं निकलता रहा। ट्रक और ट्रेलर चलते-फिरते लैब की तरह थे। आईआईटी ने ड्रोन से मालवीय भवन के बाहर फूलों की बरसात कराई। एथलीट्स ने अपने शरीर को प्लास्टिक की तरह मोड़कर और योग करके हजारों लोगों को हैरान कर दिया।
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युवाओं ने एक से बढ़कर की एक पेशकश।
- फोटो : संवाद
अंतरिक्ष यात्री और ब्रह्मोस मिसाइल भी चर्चा में : भारत: समग्रता...के साथ निरंतरता थीम पर कुल 31 झांकियां निकाली गईं। ऋषि-मुनि से लेकर अंतरिक्ष यात्री, पारंपरिक कृषि से लेकर कार्बनिक कृषि, वैदिक गणित से ब्रह्मोस मिसाइल, विकास संग जंगल की मांग आदि की प्रस्तुतियां दी गईं।
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गानों पर थिरकते रहे युवा।
- फोटो : संवाद
विद्यापीठ के कुलपति ने किया निरीक्षण : बीएचयू कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी, मुख्य अतिथि व विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी, आईआईटी के निदेशक प्रो. अमित पात्रा, प्रो. सुषमा घिल्डियाल और छात्र अधिष्ठाता प्रो. रंजन कुमार सिंह ने मंच से सभी झांकियों का निरीक्षण किया।
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महामना की बनी प्रतिमा ने किया आकर्षित।
- फोटो : संवाद
आरएसएस का सबसे लंबा पथ संचलन, 5 किमी तक चले पैदल
बीएचयू के स्थापना दिवस पर पहली बार आरएसएस का पथ संचलन आईआईटी बीएचयू से शुरू किया गया। यह बीएचयू में निकला अब तक सबसे लंबा पथ संचलन रहा। स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में घोष की धुन पर एडीवी ग्राउंड से निकलकर नए विश्वनाथ मंदिर मार्ग से होते हुए छात्र संघ भवन, सिंह द्वार और फिर रविदास गेट पहुंचे। पथ संचलन यहां से ट्राॅमा सेंटर स्थित स्थापना स्थल पहुंचकर समाप्त हुआ। अतिथियों ने सरस्वती पूजन किया।
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छात्राओं ने नृत्य की दी प्रस्तुति।
- फोटो : संवाद
वंदेमातरम के गायन के बाद कार्यक्रम समाप्त हुआ। पूर्वी यूपी के क्षेत्र प्रचारक अनिल ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने नागपुर स्टेशन से पथ संचलन को देखा और तब उन्होंने डॉ. हेडगेवार से भेंट की। उन्होंने कहा कि मालवीय जी का एक स्वप्न था कि गांव-गांव में हिंदू समाज एक साथ बैठे। एक साथ कथा प्रवचन करे और सभी गांव में पाठशाला और मल्लशाला अनिवार्य रूप से हो।
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आकर्षक परिधान में छात्राओं ने पेश किया नृत्य।
- फोटो : संवाद
सुदूर दक्षिण कन्या कुमारी में जहां 50 फीसदी आबादी इसाई हो गई है वहां स्वयंसेवक हर गांव में सेवा कार्य कर रहे हैं। पथ संचलन के मुख्य अतिथि इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष प्रो. राजीव कुमार सिंह, काशी विभाग के संघचालक प्रो. जयप्रकाश लाल और नगर संघचालक प्रो. विवेक पाठक आदि मंचासीन रहे। संचालन सह नगर कार्यवाह अभिषेक डोबले ने किया।