हर घंटे बढ़ रहा गंगा का जलस्तर।
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उधर, वरुणा किनारे बसा दानियालपुर पूरी तरह जलमग्न है। यहां के लोगों ने अपने परिजनों को तो राहत शिविर भेज दिया है लेकिन खुद जानवरों और घर की रखवाली के लिए रुके हुए हैं। पीड़ितों का कहना है कि लेखपाल ने उनका नाम-पता तो दर्ज किया है, लेकिन उसके बाद अब तक कोई पूछने नहीं आया।
नक्खीघाट मौजाहाल इलाके में सुरक्षा कारणों से बिजली काट दी गई है, जिससे बाढ़ से घिरे लोगों की दिक्कत और बढ़ गई है। मोबाइल चार्ज करना तक मुश्किल हो गया है। मोबाइल, टॉर्च और इमरजेंसी लाइट को चार्ज करने के लिए लोगों को बाढ़ के पानी से होकर दूर जाना पड़ रहा है।