बीएचयू कला संकाय के संस्कृत विभाग में मंगलवार को कार्यभार संभालने के बाद डॉ. फिरोज खान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बीएचयू में पढ़ने-पढ़ाने आया हूं और यहां सेवा देना मेरे लिए गौरव की बात है।
उन्होंने कहा कि पूर्व में ही उनका बयान जारी हो चुका है, जिसमें उन्होंने पूरी तन्मयता से सेवा देने की बात कही थी। इस दौरान एसवीडीवी में नियुक्ति के विरोध के बारे में पूछे गए सवालों पर वह कुछ नहीं बोलें।
हालांकि, डॉ. फिरोज बीएचयू के संस्कृत विभाग से लेकर कला संकाय कार्यालय नजर चुराते हुए पहुंचे। इस दौरान मीडिया कर्मियों ने बातचीत करने की कोशिश की तो वह पहले तो कुछ देर तक शांत रहे, फिर जाते समय रास्ते में संस्कृत भाषा में इतना कहा कि वह बातचीत नहीं करना चाहते हैं। इसके बाद विश्वविद्यालय के ही एक शोध छात्र के साथ स्कूटी पर बैठकर चले गए।