आठ माह पहले घर से गायब हुई बेटी की तलाश में पिता थाने का चक्कर काटता-काटता थक गया। मामले में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्जकर पुलिस चुप बैठ गई। इस दौरान एक माह पहले पिता के मोबाइल पर आए एक कॉल के बाद पैरों के तले से जमीन खिसका दी। मामला यूपी के जौनपुर का है। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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डेमो पिक
जिले के शाहगंज कोतवाली क्षेत्र के नटौली गांव निवासी 20 वर्षीय युवती आठ माह पहले घर से शाहगंज के लिए निकली तो नहीं लौटी। तमाम संभावित ठिकानों पर तलाश के बाद लड़की के पिता ने पुलिस को सूचना दी थी।
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UP Police
आरोप है कि तत्कालीन कोतवाल ने यह कहते हुए तहरीर लेने से मना कर दिया था कि बेटी बालिग है तो उसे कहीं भी आने जाने का हक है। वह अपने मन से किसी के साथ गई होगी आ जाएगी। काफी मिन्नतों के बाद पुलिस ने लापता होने के एक माह बाद गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज जरूर की लेकिन उसकी तलाश के लिए कोई कार्रवाई पुलिस ने नहीं की।
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threat call
इधर, एक माह पहले लापता बेटी ने अपने पिता को फोन पर बताया कि वह मुंबई में है और बदमाशों की चंगुल से निकल नहीं पा रही। ये लोग उसकी हत्या कर सकते हैं। उसने खुद की जान बचा लेने की गुहार पिता से लगाई। स्थानीय पुलिस ने इसके बाद भी कुछ सुनने को तैयार नहीं हुई तो लड़की के पिता ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर बेटी का जान बचाने की गुहार लगाई है।
एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में लड़की के पिता ने कहा है कि जिस वक्त बेटी उनसे फोन पर बात कर रही थी, उस वक्त वह डरी सहमी हुई थी। बात करते समय ही किसी पुरुष ने उससे मोबाइल छीन लिया और गाली देते हुए कहा कि अगर पुलिस से शिकायत की तो बेटी को जिंदा नहीं पाओगे। इसके बाद से कभी फोन नहीं आया।