पहली बार काशी पहुंचे फ्रांस के राष्ट्राध्यक्ष इमैनुएल मैक्रों यहां हुए स्वागत से अभिभूत नजर आए। इसके अलावा दीनदयाल हस्तकला संकुल में पीएम मोदी के साथ पहुंचे मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिगिट मैक्रों ने काशी और इसके जीवंत शिल्प को न केवल करीब से देखा-परखा बल्कि उसकी यादें भी संजोईं। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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महिला बुनकरों ने राष्ट्राध्यक्ष को दिया फ्रांस का एंबलम
- फोटो : twitter
संकुल में भारत-फ्रांस की दोस्ती का नया अध्याय काशी के शिल्प, कला और संस्कृति के विविध रंगों से सजाया गया था। मैक्रों यहां की बेजोड़ हस्तकला और शिल्प के कई रंग अपने साथ ले गए।
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pm modi visit varanasi
शाही ठाट में ‘चित्रकूट’ का मंचन देखा। कार्यक्रम 20 मिनट के लिए निर्धारित था लेकिन काशी के ताने-बाने में रिश्तों के धागे जुड़ते गए और मैक्रों तकरीबन 50 मिनट तक यहां रहे। इस दौरान पीएम मोदी ने खुद अपने मेहमानों को बनारस की कला, संस्कृति और हुनर के विविध रंगों से परिचित कराया।
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बड़ालालपुर स्थित हस्तकला संकुल में मोदी और मैक्रों
- फोटो : twitter
इससे पहले दोपहर 12:38 बजे पीएम मोदी फ्रांसीसी राष्ट्राध्यक्ष के साथ हेलीकाप्टर से बड़ा लालपुर हेलीपैड पहुंचे। यहां से रेंज रोवर से दोनों राजनेता हस्तकला संकुल रवाना हुए। दोपहर 12:41 बजे दीनदयाल हस्तकला संकुल पहुंचे। शहनाई की मंगल ध्वनि से भव्य स्वागत हुआ। उनके सम्मान में यहां उस्ताद अली अब्बास और उनकी टीम ने शहनाई की मिठास घोली। कजरी ‘...कचौड़ी गली सून कइल बलमू’ और ‘रघुपति राघव राजाराम...’ की धुन पर पीएम मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्राध्यक्ष मंत्रमुग्ध नजर आए।
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बड़ालालपुर स्थित हस्तकला संकुल में मोदी और मैक्रों
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उन्होंने कलाकारों से बातचीत की और उन्हें दिल्ली आने का आमंत्रण दिया। इसके बाद ‘चित्रकूट’ का मंचन देखने एंफीथिएटर पहुंचे। उस वक्त किष्किंधा कांड का प्रसंग मंचित हो रहा था। उनके बैठने के लिए शाही ठाट-बाट वाले इंतजाम किए गए थे। यहां से वे शिल्प संग्रहालय पहुंचे। जहां जरी, जरदोजी, गुलाबी मीनाकारी सहित चार जीआई उत्पादों के अलावा काष्ठ से वस्त्र तक के हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी और उन्हें तैयार करने की कारीगरी का लाइव डेमो देख फ्रांसीसी राष्ट्राध्यक्ष और उनकी पत्नी अभिभूत नजर आए।
काशी के अलावा अन्य प्रांतों के ख्यात हस्तशिल्प उत्पादों को भी देखा और सराहा। फिर कालीन और घाटों के थ्रीडी डिस्प्ले को वह अपलक निहारते रहे। निकलते समय जब फ्रांसीसी राष्ट्राध्यक्ष विजिटर बुक में अपने विचार लिखने बैठे तो जो भी देखा उसके याद कर भावनाएं उमड़ पड़ीं। इसके बाद चार से पांच मिनट तक उन्होंने अपनी बात फ्रेंच में लिखी। काशी, यहां के शिल्प और पीएम मोदी को सराहा। दोपहर 1:30 बजे संकुल से वे हेलीपैड के लिए रवाना हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी साथ थे।