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आज सच होगा सपना, प्रधानमंत्री मोदी काशी में बहाएंगे ‘ऊर्जा गंगा’

Sat, 14 Jul 2018 12:17 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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cng station - फोटो : अमर उजाला
धर्म नगरी काशी में मां गंगा के बाद अब 'ऊर्जा गंगा' का अवतरण होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम बनारस के लोगों को ऊर्जा गंगा का तोहफा देंगे। इस बहुप्रतीक्षित गैस पाइप लाइन परियोजना की टेस्टिंग तो कई माह पहले हो गई थी लेकिन आज शाम से इस योजना का फायदा मिलेगा। इस परियोजना के लोकार्पण के बाद इससे गैस आधारित मोक्ष धाम, सूबे की पहली डिजिटल मर्च्युरी और दो सीएनजी स्टेशन भी चालू हो जाएंगे। आगे की स्लाइड्स में देखें..
 
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pm Modi
पीएम मोदी की इस बड़ी सौगात से बनारस का नजारा बदल जाएगा। शहर की आबोहवा में सुधार होने के साथ ही लोगों के पैसे भी बचेंगे। पीएम ने अपने संसदीय क्षेत्र के विकास के लिए जो वादा किया था वह अह अब पूरा होने वाला है। पीएमओ के दबाव के चलते यह काम तय समय से पहले पूरा कर लिया गया। अप्रेल माह से यह लोकार्पण का सपना संजोए हुए है।





 
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पीएनजी पाइप लाइन - फोटो : demo pics


बीएचयू, डीरेका और भेल के आवासीय परिसर में शुरू हुए पीएनजी के अलावा सीएनजी सप्लाई सिस्टम और हरिश्चंद्र घाट पर प्राकृतिक गैस से संचालित होने वाला शवदाह गृह जनता को समर्पित करेंगे। ऊर्जा गंगा परियोजना के तहत यह कार्य गेल इंडिया ने किया है। लोकार्पण  के बाद वाराणसी भी उन शहरों में शामिल हो जाएगा जहां सीएनजी-पीएमजी की सुविधा मिलती है।  

 

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harishchandra ghat - फोटो : अमर उजाला
गेल इंडिया ने अब तक यहां पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) के 3200 कनेक्शन डीरेका में दिए हैं जबकि बीएचयू परिसर के 1500 और भेल के 32 आवासों में कनेक्शन दिए गए हैं। दो सीएनजी (हरहुआ और डीरेका) स्टेशन तैयार हैं और प्रायोगिक तौर पर अभी 500 ऑटो को इसकी सप्लाई दी जा रही है। अब शहर के दूसरे हिस्सों तक पीएनजी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन बिछाने का काम जारी है। 


 
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Harish Chandra ghat - फोटो : अमर उजाला

हरिश्चंद्र घाट स्थित विद्युत शवदाह गृह को अब प्राकृतिक गैस चालित बना दिया गया है। इस यूनिट में एक साथ दो शव जलाए जा सकेंगे। गेल ने इसे नगर निगम को हैंडओवर कर दिया है। नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने बताया कि प्राकृतिक गैस से संचालित होने के नाते शुल्क में कमी आएगी लेकिन अभी पहले से चला आ रहा पांच सौ रुपये शुल्क ही निर्धारित रहेगा। खर्च का आकलन करने के बाद नया रेट चार्ट जारी किया जाएगा। 
 
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harishchandra ghat - फोटो : अमर उजाला
हरिश्चंद्र घाट पर गैस आधारित मोक्ष धाम यानी अंतिम संस्कार स्थल का सफल ट्रायल हो चुका है। यहां सीएनजी चालित दो चेंबरों में शवदाह होंगे। इसके पास ही 30 लाख की लागत से सूबे की पहली डिजिटल मर्च्युरी तैयार की गई है। इसमें एक साथ नौ शव रखे जा सकेंगे, वहीं लावारिस लाशों को लंबे समय तक रखना संभव हो सकेगा। मर्च्युरी में दो से आठ डिग्री तक तापमान रखा जाएगा। गेट पर लगी डिस्प्ले यूनिट से इसे नियंत्रित किया जा सकेगा। 
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