Varanasi News: काशी में मां अन्नपूर्णा के स्वर्णिम स्वरूप के दर्शन के लिए 24 घंटे पहले ही श्रद्धालुओं की कतार लगने लगी। सोमवार की सुबह से ही देश भर से श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचने लगे।
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स्वर्णमयी अन्नपूर्णा की कृपा पाने के लिए पहुंचने लगे श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
स्वर्णमयी अन्नपूर्णा की कृपा पाने के लिए भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। पांच दिवसीय उत्सव के लिए मंदिर पूरी तरह से सजकर तैयार हो चुका है। माता के स्वर्णिम स्वरूप के दर्शन के लिए 24 घंटे पहले से ही देश भर के श्रद्धालु बैरिकेडिंग में कतारबद्ध होने लगे हैं। अन्नपूर्णा मंदिर में तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है।
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स्वर्णमयी अन्नपूर्णा की कृपा पाने के लिए पहुंचने लगे श्रद्धालु
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मां अन्नपूर्णा मंदिर में पंच दिवसीय उत्सव को लेकर भक्तों को बांटने के लिए मंदिर में 16 क्विंटल से अधिक लावा का प्रसाद और छह लाख से अधिक सिक्के पहुंच गए। इसके साथ ही सड़क पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्टील की बैरिकेडिंग लगा दी गई है।
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स्वर्णमयी अन्नपूर्णा की कृपा पाने के लिए पहुंचने लगे श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर परिसर में स्वर्णमयी अन्नपूर्णा के गर्भगृह में प्रवेश के लिए अस्थायी सीढ़ी भी लगा दी गई है। इसी अस्थायी सीढ़ी के जरिये श्रद्धालु माता अन्नपूर्णा के दर्शन कर खजाने का प्रसाद प्राप्त कर सकेंगे।
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स्वर्णमयी अन्नपूर्णा की कृपा पाने के लिए पहुंचने लगे श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर से ही दक्षिण भारत, कोलकाता, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत पूर्वांचल भर से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। धनतेरस के दिन 29 अक्तूबर को दर्शन-पूजन करने के लिए श्रद्धालु 24 घंटे पहले से ही बैरिकेडिंग में कतारबद्ध होने लगे।
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तैयार हो रहा है 511 क्विंटल अन्नकूट का प्रसाद
- फोटो : अमर उजाला
तैयार हो रहा है 511 क्विंटल अन्नकूट का प्रसाद
दो नवंबर को अन्नकूट की झांकी सजाने और भोग लगाने के लिए मंदिर में ही अन्नकूट प्रसाद तैयार हो रहा है। सौ से अधिक कारीगर इसमें जुटे हुए हैं। इस बार मां अन्नपूर्णा के मंदिर में लड्डुओं की झांकी सजाई जाएगी।
तैयार हो रहा है 511 क्विंटल अन्नकूट का प्रसाद
- फोटो : अमर उजाला
मां अन्नपूर्णा का मंदिर रंगीन रोशनी और फूलों से सजाया गया है। मंदिर के प्रवेश द्वार से लेकर पूरे परिसर को रंग-बिरंगी झालरों के साथ ही तरह-तरह फूलों से सजा गया है।