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चंद्रग्रहण के बाद स्नान के लिए काशी में उमड़ा रेला, श्रद्धालुओं से पटे घाट, देखें तस्वीरें

Sat, 28 Jul 2018 07:54 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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varanasi - फोटो : अमर उजाला
सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण लगभग साढ़े तीन घंटे से ज्यादा वक्त तक रहा। इस दौरान धर्मनगरी वाराणसी में घाटों पर लोगों का भारी हुजूम उमड़ा। शुक्रवार की रात 11:54 बजे शुरु हुआ चंद्रग्रहण शनिवार को अलसुबह 3:49 मिनट तक रहा। दशाश्वमेध घाट, राजेंद्र प्रसाद घाट, मणिकर्णिका घाट और सिंधिया घाट पर गंगा स्नान करने वालों की भारी भीड़ देखने को मिली। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें  

 
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varanasi - फोटो : अमर उजाला
चंद्रग्रहण का मान काशी में अत्यधिक होने के कारण गंगास्नान के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। भीड़ का आलम यह था कि दशाश्वमेध घाट से लगायत चितरंजन पार्क तक दर्शनार्थियों से पट गया। आस्था की डुबकी लगाने के बाद भक्तों का रेला विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचा।

 
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varanasi - फोटो : अमर उजाला
रात ढलती रही और गंगा तटों पर भक्तों की भीड़ बढ़ती रही। शुक्रवार की भोर तक घाट पर तिल रखने को जगह नहीं बची थी। इसका कारण था सदी के सबसे लंबे खग्रास चंदग्रहण, जिसके कारण काशी के गंगा घाट भक्तों से गुलजार रहे। स्पर्श से लेकर मोक्ष काल तक हर भक्त चंद्रमा के दुख को हरने की कामना करता रहा। 

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varanasi - फोटो : अमर उजाला
रात भर भजन, कीर्तन और मंत्र के बाद चंद्रग्रहण का मोक्ष काल होते ही भक्तों ने हर-हर महादेव के जयघोष के साथ गंगा में डुबकी लगाई। प्रमुख घाटों पर स्नान के पश्चात पुरोहित और डोम को द्रव्य, वस्त्र, अन्न का दान किया गया। 
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varanasi - फोटो : अमर उजाला

शनिवार की सुबह से ही गंगा तट पर पहुंचे भक्तों ने गंगा स्नान कर पुण्य कमाया। मान्यताओं के तहत पहले स्पर्श काल का स्नान, फिर मध्य काल और अंत में मोक्ष काल के पश्चात स्नान कर श्रद्धालुओं ने दान-पुण्य किया। लगभग चार घंटा लंबा इस ग्रहण का मोक्ष शनिवार की भोर में 3.49 बजे हुआ।
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varanasi - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद गंगा घाटों पर स्नान पूजन का सिलसिला शुरू हो गया जो पौ फटने तक जारी रहा। गंगा स्नान के बाद भक्तों ने वहीं घूम रहे डोम परिवार को दान दिया। पंडों से संकल्प आदि लेकर उन्हें भी द्रव्य दान कर आगे बढ़े। ग्रहण से मुक्ति के बाद भक्तों का कारवां बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए निकल पड़ा। 
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varanasi - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि शुक्रवार की देर रात 11.54 बजे चन्द्र ग्रहण लगा। ग्रहण लगने के बाद घाटो पर मौजूद श्रद्धालु वैदिक मंत्रों और राम नाम का जप करने में तल्लीन हो गए। क्या पुरुष, क्या महिला, क्या वृद्ध, यहां तक कि सदी की इस अद्वितीय खगोलीय घटना के साक्षी बनने के लिए युवाओं की भी लंबी फौज घाटों पर रात भर जमी रही। 

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एक वक्त वो भी आया जब आकाश गंगा में बिल्कुल ही अंधेरा छा गया और यह काल भी तकरीबन एक घंटे का रहा। इस वक्त श्रद्धालुओं की चंद्रमा को लेकर व्यथा देखने काबिल थी। हर कोई ऐसा ध्यानमग्न दिखा कि मानों में विपदा उन पर ही आन पड़ी हो। 
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ganga snan
चंद्र ग्रहण मोक्ष पर गंगा स्नान के लिए कांवरिया शिविर के अलावा कैंट, सिटी स्टेशन, काशी स्टेशन एवं बस स्टेशन पर भी बाहर से आए तमाम श्रद्धालु ठहरे थे। दशाश्वमेध एवं शीतला घाट पर अधिक भीड़ रही। प्रमुख घाटों पर बैरिकेडिंग की गई थी। यातायात नियंत्रण की वजह से लोग घाट वाले मार्ग पर पैदल जा रहे थे।
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