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चक्रवाती तूफान से हिल गए बनारसी: 10 से अधिक जगह पेड़ गिरे, 50 मिलीमीटर बारिश; गुलाबी ठंड जैसा अहसास

Sun, 27 Sep 2026 05:50 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

चक्रवाती तूफान के असर से जिले में मौसम अचानक बदल गया। 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवा के साथ करीब 50 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। तेज हवा के कारण 10 से अधिक स्थानों पर पेड़ गिर गए, जिससे कई मार्गों पर आवागमन बाधित हुआ। बारिश और हवा से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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बारिश से औसानगंज में जलभराव। - फोटो : संवाद
शहर में चक्रवाती तूफान का व्यापक असर शनिवार को देखने को मिला। शहर से लेकर गांव तक दिन में 70 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चली। इस वजह से 10 से अधिक जगहों पर पेड़ों की डालियां टूटकर गिर गईं। रुक-रुककर हल्की से तेज बारिश भी हुई।

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लहरतारा ओवरब्रिज के नीचे जलभराव। - फोटो : संवाद
इस वजह से कई जगहों पर जलभराव हो गया, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। शुक्रवार आधी रात के बाद से शनिवार रात तक 50 मिलीमीटर बारिश भी हुई। मौसम में अचानक आए इस बदलाव की वजह से अधिकतम तापमान भी औसत से 5.6 डिग्री सेल्सियस कम रिकॉर्ड किया गया।
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जलभराव के बीच जाते राहगीर। - फोटो : संवाद
तीन दिन से मौसम में हुए बदलाव और हवा में अधिक नमी ने गुलाबी ठंड जैसा अहसास लोगों को करा दिया। शुक्रवार आधी रात के बाद से शुरू बारिश शनिवार को भी रुक-रुककर होती रही। सुबह 11 बजे शहर से लेकर गांव तक करीब आधे घंटे तक तेज हवा के साथ बारिश भी तेज हुई। 

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इंस्डस्ट्रीयल एरिया में बीच रास्ते गिरा पेड़। - फोटो : संवाद
70 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चलने का ही असर रहा कि चांदपुर, रोहनिया सहित कई जगहों पर पेड़ गिर गए। सुबह सात बजे शिवपुर के चांदमारी के पास तेज हवा के साथ सड़क पर पेड़ गिरने से भोजूबीर-सिंधोरा मार्ग पर आवागमन प्रभावित हो गया। करीब पांच घंटे बाद दोपहर 12 बजे तक किसी तरह पेड़ को हटाया जा सका।
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गली में गिरे पेड़ को हटाने लोग। - फोटो : संवाद
कछवा के ठठरा गांव में पेड़ बीच सड़क पर गिर गया। इस वजह से आवागमन प्रभावित रहा। कंदवा स्थित पंचक्रोशी मार्ग पर रेवागीर पोखरे के पास पेड़ गिर गया। यह तो ठीक था कि इस दौरान कोई जा नहीं रहा था, नहीं तो बड़ी घटना हो जाती। शुक्रवार की रात में ही चांदपुर इंडस्ट्रियल एस्टेट पर बीच सड़क पेड़ गिर गया, जो शनिवार को भी नहीं हटाया जा सका। 
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तेज हवा से गिरा भारी-भरकम पेड़। - फोटो : संवाद
इस वजह से लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई। रोहनिया के दफ्फलपुर, बीकापुर में पेड़ टूटकर गिर गया। सारनाथ में हवेलिया चौराहे से आशापुर चौराहे के पास बीच सड़क पेड़ गिर गया। इस वजह से आवागमन बाधित हो गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह पेड़ को हटाया, तब जाकर लोगों को आने-जाने में राहत मिली।
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वाराणसी में बारिश से जलभराव। - फोटो : अमर उजाला
औसत से 5.6 डिग्री सेल्सियस गिर गया अधिकतम तापमान
तापमान की अगर बात करें तो शनिवार को अधिकतम तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो औसत से 5.6 डिग्री सेल्सियस कम रहा। न्यूनतम तापमान भी औसत से 1.3 डिग्री कम होकर 23.3 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। राज्य मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने बताया कि चक्रवाती तूफान का ही असर रहा कि कई जगहों पर 60 से 70 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। बताया कि शनिवार को भी तूफान का कुछ असर देखने को मिल सकता है। इसके बाद से मौसम के सामान्य होने की संभावना है।

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वाराणसी में बारिश के बाद जलभराव के बीच वाहनों को कुछ इस तरह निकालते लोग। - फोटो : अमर उजाला
महेशपुर, लहरतारा, सिगरा, महमूरगंज, लंका सहित कई जगहों पर जलभराव से परेशानी
शनिवार को दिन में हुई झमाझम बारिश की वजह से जलभराव हो गया। महेशपुर, लहरतारा, सिगरा, महमूरगंज, शिवपुर, लंका सहित कई जगहों पर जलभराव इतना अधिक रहा कि लोगों का राह चलना मुश्किल हो गया। इसमें चांदमारी, हरहुआ मार्ग पर ज्यादा समस्या रही। इसके अलावा बरेका से चितईपुर रोड पर भी बारिश का पानी भरने की वजह से परेशानी हुई। उधर, बरेका के पश्चिमी ओर बाउंड्री से सटे मार्ग पर बारिश का पानी लगने से आने-जाने वालों को मुसीबत का सामना करना पड़ा।
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वाराणसी में जलभराव के बीच राहगीर। - फोटो : संवाद
बारिश में बनारस स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर टपकने लगा पानी
शनिवार की दोपहर में हुई बारिश की वजह से बनारस रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यहां प्लेटफॉर्म नंबर आठ पर पानी टपकने लगा। पंखे और शेड से पानी की तेज धार इतनी थी कि वहां पानी लग गया। प्लेटफॉर्म पर झरना बहने जैसा दृश्य नजर आ रहा था। यह कोई पहला मामला नहीं है, इसके पहले भी प्लेटफॉर्म 3 से 5 पर बारिश के दौरान शेड टपक रहा था। इसके बाद नए सिरे से मरम्मत कराई गई थी। पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी के जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता ने बताया कि बारिश को लेकर स्टेशन पर कर्मचारी सतर्क हैं। यहां बारिश से निपटने की हर समस्या का समाधान कराया जा रहा है।
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