फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CWG में गोल्ड मेडल विजेता पूनम यादव पहुंची काशी, एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत

Fri, 13 Apr 2018 11:36 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
1 of 7
punam yadav - फोटो : अमर उजाला
ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल में स्वर्ण पदक जीत कर देश का नाम बुलंद करने वाली काशी की बेटी पूनम यादव शुक्रवार को वाराणसी पहुंची। बाबतपुर एयरपोर्ट पर सैंकड़ों की संख्या में लोग गोल्डेन गर्ल के स्वागत के लिए उमड़े। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर  पूनम यादव का भव्य स्वागत किया गया। बाबतपुर से लेकर दांदूपुर तक जगह-जगह विभिन्न संस्थाओं की ओर से बनारस की बेटी  का स्वागत किया गया। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें... 


 
विज्ञापन

2 of 7
punam yadav - फोटो : अमर उजाला
पूनम यादव जैसे ही मुख्य टर्मिनल भवन से बाहर निकली लोगों ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया उसके बाद टर्मिनल भवन के बाहर जीप में पूनम सवार हुईं और हाथों में तिरंगा लहराते हुए और हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। पूनम के स्वागत के लिए क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी एस एस मिश्रा, विनय कुमार सिंह, कृपा शंकर तिवारी के अलावा पूनम की बहन पूजा यादव, भाई आशुतोष, अभिषेक सहित अन्य रिश्तेदार भी पहुंचे थे।

 
विज्ञापन

3 of 7
punam yadav - फोटो : अमर उजाला
बाबतपुर एयरपोर्ट पर स्वागत के बाद खुली जीप से उनको शहर तक लाया गया। शहर से होते हुए वह अपने गांव दांदूपुर गई। यहां उनके परिजनों और ग्रामीणों ने फूल-माला से स्वागत किया। हर हर महादेव का उद्घोष और भारत माता की जय के नारे भी लगाए। लोग काशी की बेटी की इस उपलब्धि पर फूले नहीं समा रहे।  

 

4 of 7
punam yadav - फोटो : अमर उजाला

पूनम यादव ने कहा कि आज मेरे लिए बहुत बड़ा दिन है। यह मेरी तैयारियों और मेहनत का फल है की मुझे गोल्ड मेडल मिला है। जब मैंने इस खेल में जाने की सोची थी तब पापा के पास खाने के पैसे नहीं हुआ करते थे। वो दूसरों से लेकर मुझे खिलाते थे। आज मैंने पापा का सपना पूरा किया है। उन्होंने इस पूरी सफलता का श्रेय अपने कोच और  परिवार को दिया। 



 
विज्ञापन

5 of 7
पूनम के घर मिठाई लेकर पहुंचे डीएम - फोटो : अमर उजाला

बता दें कि महिला वेटलिफ्टर पूनम यादव को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 50 लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। साथ ही उन्हें राजपत्रित अधिकारी की नौकरी भी मिलेगी। बनारस की पूनम यादव ने भारोत्तोलन प्रतियोगिता के 69 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक दिलाकर देश का नाम रोशन किया है। वहीं डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने सोमवार को पूनम यादव के घर पहुंचकर परिजनों को बधाई दी थी। 

 
विज्ञापन

6 of 7
पूनम यादव

बनारस में आज सबकी जुबां पर बस एक ही नाम है। और वो है पूनम यादव का नाम। बनारस के दांदूपुर गांव निवासी किसान की बेटी पूनम यादव ने राष्ट्रमंडल खेल गोल्ड मेडल जीतकर न ही देश का मान बढ़ाया, बल्कि अपने मां बाप के उस सपने को भी पूरा किया, जो उन्होंने मुफलिसी के दौर में कभी अपनी खुली आंखों से देखे थे। राष्ट्रमंडल खेल में जब पूनम ने वेटलिफ्टिंग में भारत को पांचवा गोल्ड मेडल दिलाया तो उनके परिवार,गांव सहित पूरे बनारस में में खुशी का माहौल छा गया। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
punam yadav - फोटो : अमर उजाला


इस उपलब्धि से पूनम के परिजन बेहद खुश हैं। वजह आज पूनम जिस मुकाम पर है, शायद उसकी कल्पना भी परिवार में किसी ने नहीं की थी। पिता कैलाश यादव मामूली किसान हैं और पूनम अब रेलवे में टीटीई है। मां का सपना था कि बेटी इस बार गोल्ड लाए और वो पूरा हो गया। पूनम की मां का कहना है कि बिटिया ने जब से खेलना शुरु किया है, तो घर का हर कमरा मेडल, शील्ड और सर्टिफिकेट से भरा हुआ है। बस कमी है तो गोल्ड की, जो उनकी बेटी ने जीतकर पूरा कर दिया।


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें