वाराणसी से सटे प्रमुख बौद्ध तीर्थस्थल सारनाथ में आज शाम दो दिवसीय कार्यक्रम 'होरंडो महोत्सव' का आगाज होगा। इस महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से आए अनुसूचित जनजाति के 400 कलाकार लोकनृत्य के जरिए अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। कलाकारों का कुछ दल आज दिन में अभ्यास करता नजर आया। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें..
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- फोटो : अमर उजाला
मध्यप्रदेश, त्रिपुरा, महाराष्ट्र, कर्नाटक सहित विभिन्न राज्यों के कलाकार इसमें शिरकत कर रहे हैं। आयोजन में प्रमुख आकर्षण मध्य प्रदेश का बधाई नृत्य, त्रिपुरा का होजागिरी नृत्य, महाराष्ट्र का लावणी डांस मुख्य आकर्षण होगा। कन्नड़ एंड कल्चरल विभाग के सह संचालक अशोक चलवादी संचालन करेंगे।
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कार्यक्रम का उद्देश्य अनुुसूचित जनजाति के कलाकारों की कला को प्रचारित, प्रसारित करने के साथ ही इसे संरक्षित करना है। इसके लिए कर्नाटक राज्य सरकार फंडिंग कर रही है।
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भगवान बुद्ध और बाबा भीम राव अंबेडकर से जुड़े स्थलों पर यह संस्था कार्यक्रम करा रही है। इससे पहले मुंबई में आयोजन हुआ था। गया में कार्यक्रम में हुआ और अब सारनाथ में होने जा रहा है। इसके बाद रायपुर में कलाकार जाएंगे।
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कर्नाटक की संस्था दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के संयोजन में सारनाथ के मूलगंध कुटीविहार में कार्यक्रम होगा। मुख्य अतिथि कर्नाटक के वरिष्ठ साहित्यकार वीके सिद्धैया, विशिष्ट अतिथि नाट्य क्षेत्र के विद्वान असपा गेरे थिम्मा राजा होंगे।
मध्यप्रदेश, त्रिपुरा, महाराष्ट्र, कर्नाटक सहित विभिन्न राज्यों के कलाकार इसमें शिरकत कर रहे हैं। आयोजन में प्रमुख आकर्षण मध्य प्रदेश का बधाई नृत्य, त्रिपुरा का होजागिरी नृत्य, महाराष्ट्र का लावणी डांस मुख्य आकर्षण होगा।