Varanasi News: दिल्ली धमाका और हताहत के बाद काशी में लगातार सुरक्षा के अभ्यास किए जा रहे हैं। एनएसजी कमांडो के साथ कमिश्नरेट की पुलिस रविदास घाट पर अलर्ट होते ही हथियार से लैस होकर पहुंच जा रहे हैं।
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रविदास घाट पर सुरक्षा का अभ्यास करती एनएसजी और पुलिस।
- फोटो : संवाद
Mock Drill in Varanasi: आतंकियों से निपटने और पर्यटकों की सुरक्षा समेत आपातकालीन स्थिति में दक्षता की जांच को लेकर एनएसजी और कमिश्नरेट पुलिस ने शुक्रवार को रविदास घाट पर मॉक ड्रिल किया।
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घाट पर हथियार से लैस होकर जाते एनएसजी कमांडो।
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एनएसजी और पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में कंटिंजेंसी काउंटर हाईजैक मॉक ड्रिल ऑन क्रूज लाइनर का आयोजन किया गया।
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अभ्यास के लिए जाते एनएसजी कमांडो।
- फोटो : संवाद
पुलिस आयुक्त ने बताया कि संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य क्रूज हाईजैक जैसी संभावित आतंकवादी स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों की तैयारी, प्रतिक्रिया क्षमता व आपातकालीन समन्वय तंत्र का मूल्यांकन करना था।
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हथियार से लैस एनएसजी कमांडो।
- फोटो : संवाद
ड्रिल के दौरान क्रूज पर हाईजैक और विस्फोट की काल्पनिक स्थिति बनाई गई, जिसके बाद एनएसजी कमांडो ने जल मार्ग से पहुंचकर क्रूज को घेरने, आतंकियों को निष्प्रभावी करने, यात्रियों की सुरक्षित निकासी व घायलों के बचाव और प्राथमिक उपचार की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया।
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गंगा में सुरक्षा के रिहर्सल का दृश्य।
- फोटो : संवाद
वास्तविक परिस्थितियों जैसा माहौल तैयार कर धुआं, अलार्म और कम विजिबिलिटी का उपयोग किया गया ताकि अभ्यास अधिक चुनौतीपूर्ण हो सके।
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बोट पर एनएसजी की टीम।
- फोटो : संवाद
ड्रिल में एनएसजी, जल पुलिस, पीएसी, अग्निशमन और आपदा प्रबंधन टीम सहित कई एजेंसियों ने भाग लिया। सभी एजेंसियों के बीच समन्वय, संसाधनों के उपयोग, संचार व्यवस्था और कमांड-कंट्रोल तंत्र की व्यापक समीक्षा की गई।
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घाट पर रिहर्सल के लिए जाते एनएसजी कमांडो।
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पुलिस आयुक्त ने बताया कि सभी सुरक्षा इकाइयों के लिए वास्तविक परिस्थितियों में अपनी दक्षता परखने का महत्वपूर्ण अवसर है।