जिला जेल में शनिवार को कैदियों और बंदी रक्षकों में झड़प शुरू हो गई। थोड़ी ही देर में हालात बेकाबू हो गए। गुस्साए कैदियों ने एक बंदी रक्षक को बंधक बना लिया और पथराव करने लगे। मजबूरन जेल प्रशासन को हवा में कई राउंड गोलियां दागनी पड़ी। बावजूद कैदियों का हंगामा शांत नहीं हुआ। उन्हें काबू में करने के लिए पगली घंटी बजानी पड़ी और जेल में लाठीचार्ज करना पड़ा।
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Gazipur district jail
- फोटो : अमर उजाला
जिसमें दो पुलिस कर्मी और आठ कैदी चुटहिल हुए हैं। घटना की सूचना पाकर डीएम संजय कुमार खत्री के साथ एसपी अरविंद सेन, एसपी नगर केसी गोस्वामी, एसपी ग्रामीण अनिल सिसौदिया सहित अन्य अफसर जिला जेल पहुंच गए। आला अफसरों के पहुंचने के काफी देर बाद कैदियों को शांत कराया जा सका। उन्हें उनके बैरकों में भेजने के बाद जेल तथा जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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जिला कारागार में शुक्रवार को डीएम और एसपी के औचक निरीक्षक के बाद से ही खलबली मच गई थी। जेल से डीएम और एसपी के चले आने के बाद भी देर रात गहन पड़ताल की गई। इस दौरान विभिन्न बैरकों से कुल 36 मोबाइलें और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया गया। इस दौरान विरोध करने पर कैदी रमेश चौहान की जमकर पिटाई की गई थी।
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इससे गुस्साए कैदी एकजुट हो पहले से प्लान बना चुके थे। कैदियों को मौके की तलाश थी। शनिवार को करीब दस बजे दिन में बंदी रक्षक सर्वेश यादव जैसे ही भोजनालय के पास पहुंचा उसे कैदियों ने घेर कर बंदी बना लिया। यह सूचना मिलते ही अन्य बंदी रक्षक वहां पहुंचे, तब कैदियों ने पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद बंदी रक्षक जान बचाकर भाग खड़े हुए।
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जेल प्रशासन ने थोड़ी हिम्मत जुटाई और 40 राउंड से अधिक हवाई फायरिंग कर स्थिति को संभलाने का प्रयास किया, लेकिन बवाल बढ़ता गया। सफलता न मिलते देख इसकी सूचना तत्काल जिलाधिकारी तथा पुलिस कप्तान को दी गई। आला अधिकारियों के निर्देश पर पीएसी और कई थानों की पुलिस जेल पर पहुंच गई। पीएसी के पहुंचने के बाद दोबारा पगली घंटी बजाई गई।
फोर्स के अंदर प्रवेश करने पर भी कैदियों ने पथराव जारी रखा। इसके बाद लाठीचार्ज का आदेश दिया गया। फिर पीएसी और पुलिस के जवानों ने जमकर लाठी बरसाई। कैदियों को जेल परिसर में ही दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया। जिसमें कुल आठ कैदी चुटहिल हुए हैं। करीब ढ़ाई घंटे बाद स्थिति को संभाल लिया गया और कैदियों को उनके बैरकों में भेजने के बाद किसी तरह माहौल सामान्य हुआ।